रांची : 13 वर्ष की अनगड़ा की रहनेवाली बच्ची अपनी बुआ के साथ अपने नानी के घर गयी थी, वहां पड़ोसी की मामी अपने घर सोने के लिए बुलायी, उसी रात उसका पुत्र उसके साथ गलत काम किया। उसके बाद धमकी देकर रोज रात में बच्ची के साथ गलत काम किया जाता था। जब बच्ची का तबियत खराब होने लगी, तो उसकी बुआ उसे डॉ. के पास ले गयी, जहां पता चला कि बच्ची गर्भवती है। तत्पश्चात्, बच्ची ने सारी बातें अपने परिवारवालों को बतायी, तब उसके मामा-मामी ने गांव में बैठक करवाकर मामले को दबा दिया और बच्ची को अपने घर रख लिया तथा बच्ची का डिलिवरी 26.01.2026 को घर में कराया गया उसके बाद 24.03.2026 को लड़की के बच्चे की मृत्यु तबियत खराब हो जाने के कारण हो जाती है, उसके बाद लड़की के मामा-मामी उसे घर से बाहर निकाल देते है एवं धमकी देते हैं कि दुबारा इधर आयी, तो जान से मरवाकर फेंक देंगे।
बच्ची की मां की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। तत्पश्चात् उक्त घटना की सूचना पीएलवी बेबी देवी के माध्यम से डालसा सचिव को प्राप्त हुई, उसके बाद झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा, सुजित नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा रांची, अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में डालसा सचिव राकेश रौशन ने त्वरित कार्रवाई करते पीएलवी की टीम की मदद से बच्ची का रेस्क्यू कर उससे बातचीत की एवं संबंधित थाना में उचित कार्रवाई हेतु थाना प्रभारी एवं हेड क्वार्टर डीएसपी-2, अमर कुमार पांडे से बातचीत की। तत्पश्चात् टाटीसिल्वे थाना प्रभारी के द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया। उसके बाद बच्ची को चाईल्ड हेल्पलाईन की मदद से सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत कराया गया एवं चूंकि बच्ची आगे पढ़ना चाहती है, उसे कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय में आवासित एवं नामांकन कराने की प्रक्रिया डालसा रांची के द्वारा शुरू की गयी।











