रांची /झारखंड :तपती दोपहर, हल्की सी धूप और अचानक सिर में हथौड़े जैसा दर्द, कई लोग इसे आम सिरदर्द समझकर टाल देते हैं, लेकिन सच ये है कि यह माइग्रेन(Migraine) भी हो सकता है। सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, आंखों में चुभन और रोशनी से परेशानी, मितली या उल्टी जैसा एहसास, कई घंटों से लेकर 2-3 दिन तक दर्द रहने का मतलब है माइग्रेन।
माइग्रेन कोई साधारण सिरदर्द नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें दिमाग की नसें और केमिकल्स असामान्य तरीके से काम करने लगते हैं। झारखंड के जाने-माने डॉक्टर एवं BAU के चीफ मेडिकल ऑफिसर रहे डॉ उमा शंकर वर्मा का कहना है कि तेज धूप और चमकदार रोशनी माइग्रेन का बड़ा ट्रिगर है। आंखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव, नसें ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं।
फोटोफोबिया (रोशनी से संवेदनशीलता) बढ़ जाती है। गर्मी में एक और खतरा, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) एवं बढ़ता तापमान और फैलती ब्लड वेसल्स और फिर शुरू हो जाता है दर्द का हमला। डॉ वर्मा कहते हैं कि ज्यादा तनाव, नींद की कमी या ज्यादा सोना, बढ़ता स्क्रीन टाइम, अनियमित खानपान, हार्मोनल बदलाव (खासतौर पर महिलाओं में), तेज आवाज, गंध, धुआं और प्रदूषण एवं मौसम में अचानक बदलाव भी माइग्रेन के कारण हो सकते हैं।
Migraine से बचाव कैसे करें?
डॉ वर्मा का कहना है कि धूप में निकलते समय सनग्लासेस और छाता इस्तेमाल करें। शरीर को हाइड्रेट रखें (पर्याप्त पानी पियें)। नियमित और पूरी नींद लें। योग, मेडिटेशन से तनाव कम करें। समय पर खाना खायें, खाली पेट न रहें। बार-बार समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें। माइग्रेन भले ही तकलीफदेह हो, लेकिन सही समझ और सावधानी से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।











