रांची :कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक शक्ति होती है, और इसी का परिणाम है कि संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल, रांची आज एक सशक्त एवं विश्वसनीय शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित है, जिस पर पूरे झारखंड को गर्व और अटूट भरोसा है।
राजधानी रांची में आयोजित संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती (गोल्डन जुबली) समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री ने विद्यालय के गौरवशाली सफर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने अपने प्रेरणादायक शैक्षणिक यात्रा के दौरान यह सिद्ध किया है कि दृढ़ संकल्प, सुविचारित योजना और निरंतर परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के बदलते स्वरूप और उसमें मूल्यों की अनिवार्य भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर बालिका शिक्षा के क्षेत्र में इस विद्यालय की उपलब्धियाँ अत्यंत सराहनीय हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 21वीं सदी के संदर्भ में शिक्षा की नई परिभाषा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि आज शिक्षा केवल कक्षा, परीक्षा और करियर तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे बदलते सामाजिक, सांस्कृतिक और वैश्विक परिवेश के अनुरूप निरंतर विकसित होना होगा।
मंत्री ने कहा कि संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल ने शिक्षा, खेल, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, अनुशासन और उत्कृष्ट परिणामों के माध्यम से एक बहुआयामी विकास मॉडल प्रस्तुत किया है। यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि छात्रों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्माण कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय की शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसमें अनुशासन के साथ प्रश्न पूछने का साहस, सीखने के साथ आलोचनात्मक चिंतन और सामाजिक सेवा के साथ संवेदनशीलता का समावेश हो। बच्चों को सीमित सोच में बांधना और उनकी जिज्ञासा को रोकना उनके समग्र विकास में बाधक बन सकता है।
विद्यालय प्रबंधन, संस्थापकों एवं सिस्टर्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने इसे संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शी नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह विद्यालय ऐसी सक्षम, जागरूक और संवेदनशील छात्राओं का निर्माण करेगा, जो समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
इस अवसर पर आर्च बिशप विंसेंट आइंद, विधायक सीपी सिंह, फादर अजीत खेस, फादर मनोज संत अन्ना की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सेलिना बाड़ा ने भी अपने विचार रखे।
समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएँ, विद्यालय प्रबंधन के सदस्य, पूर्व छात्राएँ एवं वर्तमान छात्राएँ उपस्थित थीं। समारोह उत्साह, गरिमा और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा।













