रांची : न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर, सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में डालसा सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति में, आज 22.04.2026 को कस्तुरबा गांधी विद्यालय, कांके में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एलएडीसी सहायक पंकज कुमार शर्मा, पीएलवी राजेंद्र महतो, देवती देवी, सरिता कुमारी, मालती देवी, बबीता कुमारी, भानु देवी, संगीता देवी और चालक राजा वर्मा समेत कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
इस अवसर पर डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पृथ्वी दिवस, जो हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है, एक वैश्विक पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और वनों की कटाई जैसी समस्याओं के समाधान के लिए तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करता है और सभी व्यक्तियों, समुदायों और सरकारों को पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है।
एलएडीसी सहायक पंकज कुमार शर्मा ने पृथ्वी दिवस कब से और क्यों मनाया जाता है, इसकी शुरूआत कई हुई थी तथा आज 190 से अधिक देशों में यह दिवस मनाया जाता है, इसकी विधिवत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण कराना है तथा ग्लोबल वार्मिंग से बचाव करना तथा वनों की कटाई को रोकना तथा प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है, जिसमें हवा, पानी, बिजली, जमीन व ऊर्जा को संरक्षित करना मुख्य उद्देश्य है। स्कूल के छात्राओं को जागरूक किया गया तथा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर छात्राओं के द्वारा बनाये गये पेंटींग को देखा गया तथा प्रथम द्वितीय व तृतीय श्रेणी के पेंटिंग का पुरस्कृत किया गया।
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने छात्राओं को निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे तथा प्री-लिटिगेशन, लोक अदालत, मेडियेशन, निःशुल्क अधिवक्ता दिये जाने के प्रावधानों को बतालया गया। डायन प्रथा, बाल श्रम, निःशुल्क शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह के बारे में छात्राओं का जागरूक किया गया तथा वाद विवाद प्रतियोगता का आयोजन किया गया।
सिन्हा ने यह भी कहा कि यह दिन पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1970 में अमेरिका से हुई थी, और अब यह एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है, जिसमें 190 से अधिक देश शामिल हैं। पृथ्वी दिवस का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और जैव विविधता संकट को रोकने के लिए कार्रवाई को प्रेरित करना है।













