रांची :झारखंड मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के योगेंद्र प्रसाद जी रांची स्थित विश्वा सभागार, कांके में आयोजित विभागीय समीक्षात्मक बैठक में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-2 के अंतर्गत राज्य में संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करना था। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान माननीय मंत्री जी ने योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई—
जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के उद्देश्यों तथा सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग ऑर्गनाइजेशन (CPHEEO) की नियमावली पर ब्रीफिंग।
आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जनता को निरंतर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खराब चापाकलों की मरम्मती कार्य को और अधिक तेज़ करने, खराब चापाकलों की शिकायत पर त्वरित कार्य करने के भी निर्देश दिए।
3.01 अप्रैल 2026 तक राज्य में ट्यूबवेल मरम्मत की स्थिति की समीक्षा।
4.ट्यूबवेल मरम्मत कार्य में लगी टीमों एवं वाहनों की डिवीजन-वार उपलब्धता एवं कार्यप्रगति।
5.SVS एवं SVS क्लस्टर योजनाओं की प्रगति।
6.MVS योजनाओं की स्थिति, जिसमें गैर-जल जीवन मिशन योजनाएँ जैसे DMFT, कल्याण आदि शामिल हैं।
7.जल जीवन मिशन के तहत 100 करोड़ रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं की प्रगति।
8.SVS, SVS क्लस्टर एवं MVS योजनाओं की कार्यक्षमता की स्थिति।
9.‘हर घर जल’ से आच्छादित गांवों की प्रगति तथा योजनाओं को VWSC/MVWC को हस्तांतरण की स्थिति।
10.RPWSS ID निर्माण की प्रगति।
11.MVS योजनाओं हेतु MVWC गठन की स्थिति।
12.जल सेवा आकलन के अंतर्गत जिला सुधार योजना तथा उसकी स्वीकृति हेतु DWSC बैठकों की स्थिति।
13.सभी प्रमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष हेतु स्वतंत्र संपर्क नंबर जारी करने का निर्देश।
14.एक-दूसरे की योजनाओं की क्रियाशीलता की जांच करने का निर्देश दिया गया।
15.SBM-G के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र की समीक्षा
इस दौरान मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन केवल योजनाएँ नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार का माध्यम हैं। इनके सफल संचालन से गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं समग्र विकास को नई गति मिलेगी। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता एवं विभिन्न जिलों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।













