रांची :झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव उप समिति की बैठक आज चैम्बर भवन में आयोजित की गई। बैठक में डोमेस्टिक एवं कमर्शियल गैस सिलिंडर की डिलीवरी में हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कहा गया कि वर्तमान में शादी-विवाह का सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे समय में पर्याप्त संख्या में गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण आम उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल है। इसके साथ ही होटल एवं बैंक्वेट हॉल संचालकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बैठक में पीएनजी कनेक्शन लेने में हो रही असुविधाओं पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि झारखण्ड में पीएनजी पर 15 प्रतिशत वैट लागू है, जबकि पड़ोसी राज्य बिहार में यह मात्र 5 प्रतिशत है। इस असमानता के कारण राज्य के उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। चैम्बर ने राज्य सरकार से मांग की कि पीएनजी पर वैट दर में कमी की जाय ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उप समिति चेयरमैन जसविंदर सिंह ने कहा कि पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता को इस कदम से काफी सुविधा प्राप्त होगी एवं स्वच्छ ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
चैम्बर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि शादी-विवाह के सीजन में सिलिंडर की कमी गंभीर समस्या बनती जा रही है। औद्योगिक इकाइयों और रेस्त्रां बैंक्वेट को भी सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई कर आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही पीएनजी कनेक्शन जहाँ हो गए हैं, प्राथमिकता में चालू कराने की पहल होनी चाहिए। उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि पीएनजी कनेक्शन लेने में आ रही बाधाओं को दूर करना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। सह सचिव नवजोत अलग ने कहा कि झारखण्ड में पीएनजी पर अधिक वैट दर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। सरकार को इसे कम कर जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए। अंत में, चैम्बर ने सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर इन समस्याओं के समाधान की मांग की।
बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उप समिति चेयरमैन जसविंदर सिंह, सदस्य अनीश सिंह, बिनोद तुलस्यान, आलोक सिंह, अमित मोदी, दिलीप कुमार, आनंद जालान, किशन अग्रवाल, राजीव प्रकाश चौधरी उपस्थित थे।













