रांची :अखिल भारतीय ओ.बी.सी महासभा विधिक कार्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय हेमंत गुप्ता जी एवं झारखंड आंदोलन के योद्धा सह
पूर्व सांसद सूरज मंडल जी साथ में झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरुण कश्यप जी एवं
मोर्चा की महामंत्री डॉ० दिलीप सोनी जी और मोर्चा के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष उपाध्यक्ष व पिछड़ा वर्ग समाज के सैकड़ो लोगों की उपस्थिति रही।
उपरोक्त सम्मेलन में मोर्चा के अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा जी ने झारखंड की नौकरी में 36% आरक्षण की मांग की।
वही ओ.बी.सी महासभा के विधिक कार्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत गुप्ता ने मांग की कि संविधान के अनुसार जिसकी जितनी जनसंख्या, उतनी ही आरक्षण की मांग की, उन्होंने बाबा भीमराव अंबेडकर के उस आह्वान का याद दिलाई जिसमें उन्होंने दलितों को कहा था कि, एकजुट होकर संघर्ष करो तभी सफलता मिलेगी, ऐसा ही उन्होंने ओबीसी समुदायों को भी वही संदेश दिया की संयुक्त होकर अपने अधिकार के लिए लड़ो और संघर्ष करने का आह्वान किया।
संविधान में कहीं पर भी यह उल्लेख नहीं है की OBC को मात्रा 27 परसेंट ही आरक्षण दिया जाए ।
उसमें भी क्रिमी लेयर और नॉन क्रीमी लेयर का बाधा उत्पन्न करके पिछड़ा वर्ग समुदाय के नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को दूर करने का आह्वान किया।
साथ में उन्होंने संवैधानिक रूप से संघर्ष के लिए मंडल से लेकर संसद तक देश के 1358 विधायकों और 138 ओबीसी सांसदों को भी सहयोग देने का आहवान किया।
साथ में 2018 में हुए 102 में संविधान संशोधन द्वारा लाए अपने अधिकार के आरक्षण की मांग को जनसंख्या के आधार पर निर्धारित करने का मांग किया,
क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित 50% की मात्रा का भी विरोध किया।
वहीं पूर्व सांसद सूरज मंडल ने आह्वान किया कि आप सभी अपने जात का नाम लेने के बजाय सभी अपने को ओबीसी से पुकारें ताकि हमारा संघर्ष एक दिशा ले सके ।
वही झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरुण कश्यप ने कहा कि 330 पंचायतों में जब ओबीसी की जनसंख्या अधिक है तो वहां क्यों सिर्फ एस.टी / एस.सी समुदाय के लोग ही मुखिया क्यों बने रहेंगे।
इन सभी विषयों पर निर्णय लेते हुए निर्णय लिया गया कि संघर्ष की मांगों का ज्ञापन हेमंत सोरेन सरकार को दिया जाएगा ।
यदि राज्य सरकार उस पर कार्रवाई नहीं करती है तो सड़क से लेकर विधानसभा आंदोलन तक चालू रखा जाएगा।













