रांची :झारखंड सिविल सर्जन कार्यालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और HMIS की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रांची के करीब 100 निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, आईवीएफ सेंटर और आई अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवा पर जोर
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी निजी अस्पताल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल मोड पर लाएं। उन्होंने ‘स्कैन एंड शेयर’ (Scan and Share) सुविधा को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, ताकि मरीजों को लंबी लाइनों से राहत मिल सके। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों (IPD) के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से लिंक किया जाए और डॉक्टरों द्वारा केवल ई-प्रिस्क्रिप्शन ही जारी किए जाएं।
डेटा के माध्यम से दिखाई गई स्थिति
राज्य मुख्यालय से पहुंचीं रश्मि नान्दे ने आंकड़ों के माध्यम से निजी अस्पतालों की वर्तमान स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह डिजिटल माध्यम अपनाकर अस्पताल अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकते हैं। जिला डेटा प्रबंधक ने भी तकनीकी पहलुओं पर जानकारी साझा की।
सॉफ्टवेयर वेंडर्स ने दी प्रस्तुति
अस्पतालों की राह आसान बनाने के लिए बैठक में कई सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली का डेमो दिया और बताया कि कैसे अस्पताल का डेटा सुरक्षित और डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जा सकता है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और निजी क्षेत्रों के स्वास्थ्य संचालक उपस्थित थे।













