रांची :भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ₹3000 करोड़ के बहुचर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पटाखे फोड़ना, नाच-गाना करना और उत्सव मनाना झारखंड की राजनीति के नैतिक पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उनके सहयोगियों ने जिस प्रकार “बेल उत्सव” मनाया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म का नहीं बल्कि जश्न का विषय बन चुका है।प्रतुल ने कहा कि जिस व्यक्ति के निजी सचिव के सहायक के यहां से ईडी की छापेमारी में ₹32 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुआ, जिस मामले में उस सहायक जहांगीर आलम ने स्वयं स्वीकार किया कि पैसा आलमगीर आलम का है, उस मामले में बेल मिलने पर कांग्रेसियों का नाचना पूरे राज्य की जनता का अपमान है। बेल को कांग्रेस “बाइज्जत बरी” की तरह प्रस्तुत कर रही है, जबकि देश की जनता जानती है कि बेल न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, भ्रष्टाचार मुक्त होने का प्रमाणपत्र नहीं।
प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन की सरकार ने शायद नया नारा बना लिया है —’जहां घोटाला, वहां शर्म नहीं बल्कि जश्न मनेगा’।प्रतुल ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति यह है कि गांवों में पेयजल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कई जलमीनार शोपीस बन चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी बदतर है कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और उपकरणों का भारी अभाव है। मरीज रेफर होकर दर-दर भटक रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोजगार युवा निराश हैं, लेकिन कांग्रेस और झामुमो के नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं। उन्हें केवल घोटालेबाज नेताओं के स्वागत और बचाव में ऊर्जा दिखाई देती है।प्रतुल ने कहा कि जिस राज्य में किसान परेशान हो, युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हों, महिलाएं असुरक्षित हों और विकास योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा हो, वहां सत्ता पक्ष द्वारा “भ्रष्टाचार उत्सव” मनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
राहुल गांधी स्पष्ट करें कि क्या उनके युग में भ्रष्टाचार को उपलब्धि माना जाता है?
प्रतुल ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वो ₹3000 करोड़ के टेंडर घोटाले को “उपलब्धि” मानती है? क्या उनके युग में कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति है कि जनता के पैसे की लूट पर जश्न मनाया जाए?प्रतुल ने कहा कि झारखंड की जनता सब देख रही है। जनता को अब समझ में आ चुका है कि यह गठबंधन सरकार विकास नहीं, “कमीशन, करप्शन और कलेक्शन” के मॉडल पर चल रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस भ्रष्ट और संवेदनहीन राजनीति का जवाब देगी। आज की प्रेस वार्ता में झारखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।













