रांची : प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा नेताओं द्वारा राजनीतिक शुचिता और भ्रष्टाचार को लेकर दिए जा रहे बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जो नेता राजनीतिक शुचिता की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने दल का चेहरा आईने में देखने की आवश्यकता है। भाजपा में भ्रष्टाचार, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों से घिरे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है, ऐसे में कांग्रेस पर आरोप लगाना भाजपा का राजनीतिक पाखंड है।
सोनाल शांति ने कहा कि शारदा चिटफंड घोटाले और लुई बर्गर स्कैम से जुड़े आरोपों का सामना कर चुके नेताओं को भाजपा ने महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया है। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने कथित रूप से घूस लेते पकड़े गए नेताओं को भाजपा संरक्षण देती रही है और दूसरी ओर कांग्रेस पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रेम खांडू की संपत्ति में असामान्य वृद्धि को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। साथ ही उनके कार्यकाल में सरकारी ठेकों और संसाधनों के आवंटन को लेकर भी कई बार सवाल खड़े हुए, जिन पर न्यायपालिका द्वारा भी टिप्पणियां की गईं। भाजपा को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कुलदीप सेंगर, मनोहर लाल धाकड़ तथा महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी नेताओं को संरक्षण देने वाली भाजपा को नैतिकता पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के अनुसार आरोपियों के प्रति अलग-अलग रवैया अपनाती रही है।
सोनाल शांति ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम के खिलाफ भाजपा द्वारा राजनीतिक साजिश रची गई। उन्होंने दावा किया कि आलमगीर आलम के आवास या अन्य ठिकानों से कोई बरामदगी नहीं हुई और उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि केवल एजेंसियों की कार्रवाई के आधार पर किसी को दोषी मान लिया जाए, तो भाजपा को अपने नेताओं के संदर्भ में भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। वर्ष 2019 से 2024 के बीच ईडी द्वारा अनेक विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई की गई, लेकिन दोषसिद्धि के मामले बेहद कम रहे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसियों का दुरुपयोग राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है।
सोनाल शांति ने कहा कि आलमगीर आलम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और उन्हें जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। वहीं भाजपा ऐसे नेताओं को सम्मान देती है, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप रहे हैं, और फिर कांग्रेस पर आरोप लगाने का प्रयास करती है।













