रांची विमेंस कॉलेज, रांची के लिए आज का दिन उपलब्धि, गौरव और महिला सशक्तीकरण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। कॉलेज के कला संकाय स्थित मैत्रेयी हॉल में यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित विशेष प्लेसमेंट एवं ऑफर लेटर वितरण समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुल 81 छात्राओं का चयन Yokohama एवं Automotive Engineering क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ, जबकि बड़ी संख्या में छात्राओं को मदरसन ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजीज़ एंड इंजीनियरिंग जैसी अग्रणी औद्योगिक कंपनी की ओर से जॉइनिंग लेटर प्रदान किए गए।
कॉलेज परिसर में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। छात्राओं के चेहरे पर आत्मविश्वास, संतोष और सफलता की चमक स्पष्ट झलक रही थी। कई छात्राएँ अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जिन्हें किसी प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि ने न केवल छात्राओं के सपनों को नई दिशा दी, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भी गर्व और प्रसन्नता का वातावरण निर्मित किया।
यह प्लेसमेंट ड्राइव यूनिसेफ एवं Innovation Comms के संयुक्त सहयोग से आयोजित सर्टिफिकेट कार्यक्रम का परिणाम रहा। रांची विमेंस कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विनीता सिंह के मार्गदर्शन में कॉलेज के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ द्वारा इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। कार्यक्रम में कुल 109 छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्राओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। चयनित छात्राएँ विज्ञान, कला एवं अन्य विभिन्न संकायों से संबंधित हैं।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विनीता सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक बनती है जब वह व्यक्ति को आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ सके। उन्होंने कहा कि आज की युवा महिलाएँ केवल अपने सपनों को साकार नहीं कर रहीं, बल्कि समाज की सोच और दिशा दोनों बदल रही हैं।
उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा —
“जीवन में सफलता केवल अवसर मिलने से नहीं मिलती, बल्कि अवसर को पहचानने और उसे अपनी मेहनत, अनुशासन तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से उपलब्धि में बदलने की क्षमता से प्राप्त होती है। रांची विमेंस कॉलेज सदैव छात्राओं को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली छात्राएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये छात्राएँ अपने कार्यस्थल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान, परिवार और राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगी।”
उन्होंने छात्राओं को यह संदेश भी दिया कि कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ अवश्य आएँगी, किंतु धैर्य, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति उन्हें सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचाएगी।
इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे कॉलेज के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका रही। प्लेसमेंट सेल की समन्वयक श्रीमती रोहिता विकास ने बताया कि छात्राओं को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, संवाद एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य छात्राओं को केवल शैक्षणिक रूप से दक्ष बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगारपरक कौशल से भी समृद्ध करना है ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री आदर्श शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्लेसमेंट सेल की सदस्य डॉ. नेहा कौर, सुरभि टिग्गा, डॉली कुमारी, डॉ. रत्ना सिंह तथा डॉ. सोमा राय ने छात्राओं को साक्षात्कार, व्यक्तित्व विकास एवं कार्यस्थल की चुनौतियों के लिए तैयार करने में विशेष योगदान दिया।
प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. रेणु कुमारी ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है, और आज रांची विमेंस कॉलेज की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से संस्थान का गौरव बढ़ाया है।
इस अवसर पर डॉ. आरती मोदक की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। वहीं एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर एवं प्रेस इंचार्ज डॉ. कुमारी उर्वशी ने इसे कॉलेज की छात्राओं के लिए प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम के दौरान चयनित छात्राओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों, यूनिसेफ एवं प्लेसमेंट सेल के प्रति आभार व्यक्त किया। अनेक छात्राओं ने कहा कि यह अवसर उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित होगा और वे अपने परिवार तथा समाज के सपनों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगी।













