देवघर : सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर गंगाजल के साथ-साथ बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा पुरानी है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र बहुत प्रिय है। शिव पुराण में यह चर्चा की गई है कि जब भगवान भोलेनाथ ने देवताओं को बचाने के लिए विषपान किया था तो बेलपत्र से ही उन्हें ठंडक प्रदान हुई थी। तभी से बेलपत्र भगवान भोलेनाथ के पूजा अर्चना में सबसे अनिवार्य माना जाता है। बैद्यनाथ धाम में बेलपत्र को लेकर कई परंपराएं हैं। देवघर में रहने वाले पंडा समाज के द्वारा बेलपत्र प्रदर्शनी लगाने की परंपरा निभाई जाती है, जो कई सदियों से चली आ रही है।











