रांची/चंडीगढ़ : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चंडीगढ़ में 30 अप्रैल से 1 मई, 2026 तक आयोजित 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन नवाचार और समावेशिता में झारखंड की स्वास्थ्य पहलों को विशेष पहचान मिली है। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में झारखंड के AMB T-4 (Test, Treat, Talk, Track) मोबाइल एप्लीकेशन के लिए झारखण्ड को अवार्ड मिला है।
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया साथ ही कार्यक्रम में एकीकृत HBNC एवं HBYC मॉड्यूल’ को देश की बेस्ट प्रैक्टिसेज के रूप में पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी और अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन और दिशानिर्देश से कई कार्य किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में झारखंड स्वास्थ्य के योजनों को राज्य में गांव – गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
झारखंड को पूरे देश में NQAS में तीसरा स्थान मिला है।631 आयुष्मान केंद्र राज्य में NQAS प्रमाणित हुए हैं।
एकीकृत HBNC-HBYC मॉड्यूल: समुदाय आधारित शिशु देखभाल का नया मॉडल
सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया शिशु की गृह आधारित देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘ Integrated HBNC & HBYC ‘ विकसित किया गया है।
AMB T-4 ऐप
एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने बताया कि राज्य में एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सितंबर 2022 से AMB T-4 ऐप लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल 2026 तक 11 लाख से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण और 13.4 लाख हीमोग्लोबिन परीक्षण किए जा चुके हैं। 8,000 से अधिक गंभीर मामलों को सफलतापूर्वक रेफर किया गया और 8,600 से अधिक लाभार्थी एनीमिया मुक्त होकर सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं।
अभियान निदेशक ने बताया कि
चंडीगढ़ में आयोजित इस राष्ट्रीय वर्कशॉप में झारखंड के इन नवाचारों को स्वास्थ्य सेवाओं में समावेशिता और तकनीक के बेहतर तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया है। इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने किया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (स्वास्थ्य), मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रबंधन (एनएचएम) के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) और क्षेत्रीय संसाधन केंद्र-पूर्वोत्तर (आरआरसी-एनई) के प्रतिनिधि भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, स्वास्थ्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपनाई गई नवोन्मेषी और प्रभावशाली पद्धतियों को प्रदर्शित करना, मान्यता देना और उनका दस्तावेजीकरण करना है।
इस कार्यक्रम में अभियान निदेशक,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के साथ डॉ विजय रजक,नोडल पदाधिकारी शिशु स्वास्थ्य, अनिमा किस्कू, एस पी एम एवं प्रीतिश अवॉर्ड ग्रहण किया।












