रांची :झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिंहा ने रांची के पहाड़ी मंदिर की वर्तमान कमेटी पर… नियमों को ताख पर रख मंदिर में रखे करोड़ों के स्क्रैप बेचने का आरोप लगाते हुए मंदिर को भ्र्ष्टाचार का अड्डा बनाने का गंभीर आरोप लगाया हैं ...हालांकि, पहाड़ी मंदिर विकास समिति द्वारा धार्मिक न्यास बोर्ड पर आरोप लगाने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा है….. आपको बता दें कि, झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने पहाड़ी मंदिर समिति को 2023 में अधिसूचित किया था ताकि मंदिर का बेहतर विकास हो। लेकिन मंदिर कमिटी के कुछ लोगों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेशानुसार नई कमिटी धार्मिक न्यास बोर्ड के साथ काम करेंगे। लेकिन न्यायालय के फैसले का जवाब कमिटी ने जवाब नहीं दिया गया।
पहाड़ी मंदिर विकास कमिटी ने मंदिर को चारागाह बनाए हुए है। तात्कालीन सचिव ने मंदिर की पुरानी संपतियों को बेचकर मंदिर के विकास कार्य में लगाया जाए. बिना विज्ञापन निकाले करोड़ो रुपए का सामग्री बेचा गया. पहाड़ी मंदिर किसी की निजी संपति नहीं है। कितने की पुरानी समानों की बिक्री की गई है यह सार्वजनिक नहीं किया गया है। मंदिर के सौंदर्यीकरण में भी भ्रष्टाचार हुआ है। आगामी चार मई को मंदिर की कमिटी अपना पदभार ग्रहण करेंगे। पुरानी कमिटी नईं कमिटी के पदभार ग्रहण करने में सहयोग करें अगर किसी भी तरह का कोई व्यवधान उत्पन्न होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।












