रांची :कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों को “इवेंट मैनेजमेंट” बताते हुए कहा है कि देश का युवा केवल नियुक्ति पत्रों की तस्वीरें नहीं, बल्कि स्थायी और सम्मानजनक रोजगार चाहता है। प्रदेश कांग्रेस के मिडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है। सरकार लाखों नौकरियों का दावा करती है, जबकि वास्तविक स्थिति इसके उलट है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार देश में बेरोजगारी दर लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) के आंकड़ों के मुताबिक कई महीनों में बेरोजगारी दर 7 से 8 प्रतिशत के बीच रही है, जबकि युवाओं में यह आंकड़ा और अधिक है। सिन्हा ने सवाल उठाया कि यदि रोजगार के अवसर बढ़े हैं तो फिर लाखों युवा आज भी प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं के लिए सड़कों पर आंदोलन क्यों कर रहे हैं?उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। यदि उस वादे को आधार माना जाए तो अब तक 12सालों में 24 करोड़ नौकरियां मिलनी चाहिए थीं, लेकिन वास्तविकता यह है कि रेलवे, सेना, बैंकिंग और अन्य सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं। संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार कई मंत्रालयों और विभागों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं, जिन्हें भरने की गति बेहद धीमी है।सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि “रोजगार मेला” सिर्फ कैमरे के सामने नियुक्ति पत्र बांटने का कार्यक्रम बनकर रह गया है। देश का युवा अब भाषण नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योगों में निवेश, नई फैक्ट्रियां और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है। कांग्रेस ने मांग की कि केंद्र सरकार युवाओं को भ्रमित करने के बजाय खाली पदों पर तत्काल भर्ती करे और रोजगार सृजन के लिए ठोस आर्थिक नीति लेकर आए।













