रांची :बेड़ो प्रखंड के पुरनापानी बाजारटांड़ मैदान में आयोजित किसान सम्मान समारोह में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और कृषि क्षेत्र को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दिशा देने हेतु लगातार कार्य कर रही है।पायोनियर कंपनी द्वारा आयोजित इस किसान सम्मान समारोह में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी गई तथा प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि झारखंड के किसान अब जागरूक होकर आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर नई योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू कर रही है। सरकार का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर खाद, बीज एवं कृषि संसाधन उपलब्ध हों तथा उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।उन्होंने कहा कि आज भी राज्य के अधिकांश किसान पारंपरिक पद्धति से खेती कर रहे हैं, लेकिन अब कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, स्प्रेयर सहित अन्य उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।मंत्री ने कहा कि सरकार केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा जलाशयों में केज फार्मिंग के माध्यम से उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई है। समितियों के माध्यम से सामूहिक मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे अनेक परिवारों की आजीविका मजबूत हो रही है।उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण बाजारों को सशक्त बनाने के लिए बाजार शेड एवं कोल्ड स्टोरेज का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने एवं बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिल सके।मंत्री ने अल नीनो की संभावित स्थिति को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि विभाग लगातार कृषि कार्यशालाओं के माध्यम से अधिकारियों को निर्देशित कर रहा है कि वे प्रखंड स्तर पर किसानों को जागरूक करें। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष औसत से कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को समय रहते धान की रोपनी करने के साथ-साथ केवल धान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि कम पानी में होने वाली फसलों एवं मोटे अनाज की खेती की ओर भी आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हरसंभव सहायता के लिए सदैव तैयार है।इस अवसर पर मुख्य रूप से मोदसिर हक, विश्वनाथ शाहदेव, बुधराम बाड़ा, तंजीर हुसैन, मतियस खेस, बुधराम लोहरा, चन्द्रावती देवी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।












