रांची :मांडर प्रखंड परिसर में आज कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की के करकमलों द्वारा वेजफेड के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों एवं प्राथमिक सहकारी समितियों के बीच गेहूं प्रसंस्करण मशीन तथा मिनी राइस मिल का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 40 प्रसंस्करण इकाइयों का वितरण संपन्न हुआ।
इसी अवसर पर प्राकृतिक आपदाओं एवं दुर्घटनाओं से प्रभावित 65 लाभुकों के बीच कुल ₹17 लाख 24 हजार की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री महोदया ने कहा कि यह केवल मशीनों का वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीनों मजबूत होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, वज्रपात, सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य विपदाओं से प्रभावित परिवारों के बीच सहायता राशि वितरित करना संवेदनशील सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाना है, ताकि संकटग्रस्त परिवारों को संबल मिल सके।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आज कई किसान समूह बनाकर जलाशयों में केज के माध्यम से मत्स्य पालन कर लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इसके साथ ही गाय, बकरी, मुर्गी एवं भेड़ पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।
उन्होंने बताया कि कम पानी में होने वाली मड़ुवा (रागी) की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा प्रति एकड़ ₹3000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ राज्य के अनेक किसान उठा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि किसानों और ग्रामीण परिवारों के हित में विभाग द्वारा अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। आवश्यकता केवल जागरूक होकर इन योजनाओं से जुड़ने और आगे बढ़ने की है
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि राज्य सरकार का सतत प्रयास है कि योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों एवं किसानों तक पहुँचे। इसी उद्देश्य से कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाइयों को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।
इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी, आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा तथा कृषि आपूर्ति श्रृंखला और अधिक सुदृढ़ होगी। यह पहल विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वेजफेड के एमडी अभिनव मिश्रा, अंचलाधिकारी चंचला कुमारी, डीपीएम अभिषेक चांद, प्रमुख फिलिप सहाय एक्का, मंगा उरांव, सेरोफ़िना मिंज, सरिता तिग्गा, आबिद अंसारी, इसरोज़, आजाद अंसारी, बिनोद, बंधु टोप्पो,तबारक ख़ान,बेलस टोप्पो,अर्जुन महतो,रामविलास टोप्पो आदि उपस्थित थे।













