रांची :भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर घोटाले को दबाने के लिए पत्र घोटाला किया गया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार के कुछ अभियंताओं द्वारा 23 अप्रैल को एक गंभीर पत्र जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति—बबलू मिश्रा—द्वारा अभियंताओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सरकारी टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह पत्र 23 अप्रैल से ही विभिन्न स्तरों पर प्रसारित होता रहा और विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
अजय ने बताया कि 4 मई 2026 को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जी ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई और जांच की मांग की। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, जैसे ही यह मामला राजनीतिक स्तर पर सक्रिय हुआ, उसी दिन अभियंताओं की ओर से एक दूसरा पत्र जारी किया गया, जिसमें पहले वाले पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दे दिया गया।
भाजपा ने इस पूरे संदर्भ में कहा है कि राज्य सरकार दोनों पत्रों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा पत्र असली है और कौन सा फर्जी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि 23 अप्रैल से लेकर 4 मई तक अभियंताओं की ओर से कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं आया और नेता प्रतिपक्ष के हस्तक्षेप के तुरंत बाद ही नया पत्र क्यों जारी किया गया। भाजपा ने यह भी मांग की है कि इस बात की गहन जांच हो कि क्या अभियंताओं पर किसी प्रकार का दबाव बनाकर उन्हें अपना पूर्व बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया। इसके अतिरिक्त, पत्र में उल्लिखित बबलू मिश्रा की पहचान, भूमिका एवं प्रभाव की उच्चस्तरीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वे किस हैसियत से सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे थे। भाजपा ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक पारदर्शिता का ही नहीं, बल्कि राज्य की टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।











