रांची:
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य की प्रेस वार्ता 21 22 और 23 को rss का सबसे बड़ा कमिटी होता है वो अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा होती है । 2020 में प्रतिनिधि सभा में यह घोषणा हुई थी कि 2025 शताब्दी वर्ष होगा rss का तो वर्ष आनंदमई होगा । लेकिन इस प्रतिनिधि सभा हुआ उसमें बाते समझ में आई कि जश्न नहीं होगा । शताब्दी वर्ष का जश्न नहीं होगा । यह rss के विस्तार का वर्ष होगा । कई शाखों का ब्यौरा लिया गया और दक्षिण में सबसे ज्यादा शाखा थी । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी थे , बीजेपी के बीएल संतोष भी थे । तीन दिनों तक विचार विमर्श हुआ। Rss यह मानती है कि 20 महीने से मणिपुर जल रहा है और कई वर्ष लगेंगे मणिपुर सुधारने में । यह बीजेपी की मातृ संगठन का मानना है । सरकार क्या कर रही है जब उन से पूछा गया तो कोई जवाब नहीं आया । Rss वहां क्या कर रही है उसका भी कोई जवाब नहीं आ रहा है । इस्कॉन,चिन्मय मिशन वहां काम कर रहा है। एक ऑडियो बाहर आया कि कैसे बम मरते हो छुप कर बम मारा करो । सरकार ने भी कहा कि rss ने वह कोई काम नहीं किया । बहुत बीजेपी को जनजातीय समुदाय से प्यार है तो मणिपुर के लोगों की अवहेलना क्यों की । Rss ने जो कहा वो परिसीमन था । इस बात को बार बार हम कहते है कि परिसीमन राज्यों के बीच खाई पैदा करेगा । दक्षिण राज्यों के बीच दूरी बढ़ जाएगी । दलित आदिवासी मूलवासी की आवाज पर रोक लगेगा यह बात rss ने भी कही । लेकिन बीजेपी को सत्ता की राजनीति मालूम है । हम हमेशा से परिसीमन के खिलाफ हैं। 2011 की जनगणना को 2025 में परिसीमन का काम किया जा रह है । परिसीमन बंद होना चाहिए आदिवासी विरोधी है । यह राष्ट्रीय संतुलन को बिगाड़ता है । जहां जनसंख्या नियंत्रण हुई सभी का हक मारा जाएगा। बहुसंख्यक लोगों का राज हो जाएगा । अगर rss इस बात को मानती है तो बीजेपी क्यों नहीं समझ रही है । अभी सदन चल रहा है और नेता प्रतिपक्ष भी आदिवासी है और वो rss से जुड़े रहे है और उनको सदन में इस बात को रखना चाहिए।
झारखंड राज्यपाल ने टूसू महोत्सव के अवसर पर शुभकामनाएं दी!
रांची :राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज मोरहाबादी में आयोजित ‘टुसू महोत्सव’ के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ देते हुए...












