रांची : झारखंड के मुख्य सचेतक सह राजमहल के विधायक अनंत ओझा ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में कुल बजट का मात्र 28 प्रतिशत ही खर्च कर पाई है। इस सरकार की नीति और नीयत कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
राज्य सरकार रोना रोती है कि भारत सरकार द्वारा राज्य को राशि नहीं दी जाती है वहीं दूसरी ओर लिखित तौर पर स्वीकारती है कि वह केन्द्र सरकार द्वारा मिली हुई राशि को खर्च नहीं कर पाती है। केन्द्र सरकार की अधिकांश योजनाओं से इस सरकार ने राज्य के किसानों को, जनता को उपेक्षित करने का काम किया है। राज्य सरकार द्वारा कतिपय कारणों का हवाला देकर भूमि अभिलेख का सत्यापन नहीं होने से 8 लाख 49 हजार 61 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित होना पड़ा। यह विधानसभा के अंदर 03 अगस्त 2023 को राज्य सरकार द्वारा लिखित तौर पर स्वीकारा गया है। इसकी जिम्मेवारी हेमंत सरकार को लेनी चाहिए। इस सरकार में पूरे प्रदेश में खनन एवं भूतत्व विभाग में लूट किसी से छिपा नहीं है। बालू लूट, खनिज लूट का मामला जगजाहिर है। पूरे राज्य में कोई ऐसा जिला नहीं है जहां साहेबगंज जैसी लूट की घटना नहीं हुई है। कहीं बालू, कहीं खनिज, कहीं पत्थर की लूट बदस्तूर जारी है। इस लूट पर जब जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं तो उनको डराने-धमकाने का प्रयत्न भी सत्ता संरक्षण में चल रहा है। पूर्व में जिस प्रकार यूपीए सरकार ने एक निर्दलीय के हाथों में राज्य की सत्ता सौंपकर इस प्रदेश को कलंकित करने का काम किया था फिर से झारखंड को झामुमो, कांग्रेस, राजद की गठबंधन सरकार द्वारा बदनाम झारखंड लूटखंड बनाने का काम हुआ है।











