रांची झारखंड के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी कार्यक्रमों और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए स्टेट रिव्यू मिशन(एसआरएम) का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक और राज्य नोडल पदाधिकारियों की अगुवाई में एनएचएम के परामर्शियों और समन्यवकों की जवाबदेही तय करते कुल 12 टीमें गठित की गई है। उक्त टीम जिलों में जा कर जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर भ्रमण कर राज्य स्तर पर प्रतिवेदन समर्पित करेगी। टीम के सदस्यों के ओरिएंटेशन के लिए नामकुम स्थित आरसीएच सभागार में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबु इमरान ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना होना चाहिए। मानव संसाधन से इस दिशा में कैसे काम लें इस पर और रणनीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं के कमियों के आकलन और सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए राज्य स्तरीय टीम का गठन किया गया है, जो जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर इस दिशा में काम करेगी। अभियान निदेशक ने अभी हाल ही में हुए कॉमन रिव्यू मिशन (सी0आर0एम0) के दौरे से संबंधित फाइंडिंग्स और कृत कार्रवाई की भी जानकारी ली। एनएचएम कर्मियों के लिए तैयार हो रही एचआर पॉलिसी की भी जानकारी अभियान निदेशक ने ली और आवश्यक निर्देश दिए। सभी राज्य नोडल अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया कि तय समय सीमा के अंदर सभी प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।
निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ चंद्र किशोर साही ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में वंचित और अभावग्रस्त लोगों के लिए विशेष भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समुदाय में डिमांड जेनरेट होगा तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेन्टर की सलाहकार मोना गुप्ता और लीड कंसल्टेंट श्वेता ने पी0पी0टी0 के माध्यम से आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने बताया की रिव्यू मिशन (सी0आर0एम0) तभी सफल होगा जब कमियों के आकलन के बाद उसके समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा। सी0आर0एम0 विजिट के दौरान हुए बदलाव को भी सस्टेन रखने की जरूरत की वकालत की। नव गठित सी0आर0एम0 टीम के सदस्यों की भूमिका तय करने और एक समय सीमा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया।
कार्यक्रम में डॉ जॉन एफ कैनेडी, डॉ बीके सिंह, डॉ रंजीत प्रसाद, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ पुष्पा, डॉ कमलेश कुमार, डॉ अनिल, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अनिमा किस्कू, राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकय मिंज सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परामर्शी, समन्वयक और डेवलपमेंट पार्टनर्स के प्रतिनिधि मौजूद थे।












