रांची : भारतीय जनता पार्टी का पूरा इतिहास ही झूठ, भ्रम और समाज को बाँटने की राजनीति पर आधारित रहा है। जनता को गुमराह करना, आपसी वैमनस्य फैलाना और असली मुद्दों से ध्यान भटकाना इनकी पुरानी फितरत है। इनलोगों केे द्वारा जनता को किसी भी मुद्दे पर दिगभ्रमित करने, आपस में मतभेद कराने इत्यादि का कार्य किया जाता है। जहाँ तक भाषा विवाद का सवाल है तो मेरे द्वारा झारखंड सरकार के मंत्रीमंडल में रहते हुए अपने मंत्रित्व काल यानि 06.08.2021 को पत्र के माध्यम से एवं स्वंय मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रों/ युवाओं के हित में पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों के अलावे चतरा जिले के अभ्यर्थियों को भी समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में भोजपुरी, हिन्दी तथा मगही भाषा को शामिल करने हेतु अनुरोध किया था। साथ ही वर्तमान में केन्द्रीय महासचिव, झा0मु0मो0 के नाते कुछ दिन पूर्व यानि 12.06.2025 को भी मेरेे द्वारा पलामू प्रमंडल के युवाओं के हित में हिन्दी, भोजपुरी एवं मगही भाषा को स्थानीय भाषा के विकल्प के रूप में शामिल करने हेतु पुनः मुख्यमंत्री से अनुरोध किया हूँ। भाजपाईयों को यह बताना होगा कि इस मुद्दे पर कब और क्या प्रयास किया। कब इन्होंने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्राचार किया या उनसे मुलाकात कर मामले से अवगत कराया। भाजपा के कोई भी विधायक या सांसद ने कभी भी अपने माध्यम से कोई ठोस पहल नहीं किया है। ये सिर्फ जनता के बीच बैठकर झूठी बाहवाही लूटने का प्रयास करते है। इस प्रकार भाजपा के वक्ताओं द्वारा प्रेस वार्ता में यह कहना कि महागठबंधन के जनप्रतिनिधियों द्वारा चुप्पी साध ली गई है बिल्कुल ही भ्रामक और बेवुनियाद बयान है।
स्थानीय विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी जी को पलामू प्रमंडल के युवाओं/छात्रों के प्रति यदि संवेदना थी तो उन्हें चालू विधानसभा सत्र के दौरान इस सवाल को उठाना चाहिए था लेकिन उनके द्वारा यह कार्य नहीं कर इसे मुद्दा बनाकर विवादास्पद बनाया जा रहा है। साथ ही पलामू प्रमंडल के छात्रों को गुमराह भी किया जा रहा है। विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी जी के द्वारा सिर्फ अनर्गल बयानबाजी की जाती है। विधायक किसी भी समस्या का समाधान नहीं चाहते है बल्कि वे उसे मुद्दा बनाकर जनता को सिर्फ गुमराह करना चाहते है। स्थायीय विधायक का विधानसभा क्षेत्र के विकास के प्रति कोई अभिरूची ही नहीं है। पूर्व में तिवारी जी विधानसभा प्रयोजन समिति के सभापति रहे हैं लेकिन उनके द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास कार्य ना कर सिर्फ संवेदकों/अभियंताओं को भयादोहन कर पैसा उगाही का कार्य किया गया है। विधायक को यदि थोड़ी भी शर्म है, वे जनता का कार्य करना चाहते है तो वे समस्याओं के निदान के लिए ईमानदारी से प्रयास करें और जनता को बेबकूफ बनाना बंद करें।
पलामू प्रमंडल का दुर्भाग्य है कि सांसद विष्णु दयाल राम जी अपने संसदीय क्षेत्र के प्रति उदासीन रहते है। जनता इन्हें ढंग से पहचानती भी नहीं है कि यही हमारे सांसद हैं।
भानू प्रताप शाही द्वारा अपने कार्यकाल में क्या किए सबको पता है। ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है इनके द्वारा किसी भी बात को बेवजह तुल देने का कार्य किया जाता है। इन दोनों के द्वारा ओछी राजनीति की जाती है। भानू सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं क्षेत्र और जनता की समस्या से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। अब वे श्री तिवारी जी के तरह सोशल मीडिया पर मसखरी करना भी शुरू कर दिए है।
01.04.2026 को भाजपा द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया परन्तु यह दुर्भाग्य है कि कल ही गढ़वा जिला का स्थापना दिवस था और उनलोगों के द्वारा उस प्रेस वार्ता में गढ़वा जिला का स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देने का भी सुध नहीं रहा। इससे इनकी मानसिकता झलकती है कि गढ़वा जिला से इन्हें कितना प्रेम है।
आपलोग सभी जानते ही है कि केन्द्र सरकार द्वारा गैर भाजपा शासित राज्यों में अपनी पैठ बनाने हेतु विभिन्न प्रकार का हथकंडा अपनाने एवं कुचक्र रचने का कार्य किया जाता है। साथ ही ऐसे राज्यों के प्रति हमेशा ही इनका सौतेला व्यवहार रहता है। लेकिन जनता अब जागरूक हो गई है। जनता सबकुछ समझ रही है। समय आने पर जनता इन्हें मुँहतोड़ जबाब देगी।
मै स्पष्ट करना चाहता हूँ कि युवा हृदय सम्राट यशस्वी मुख्यमंत्री द्वारा झारखंड के बेहतरी के साथ-साथ पलामू प्रमंडल के छात्र/युवाओं के हित में जो भी बेहतर होगा वह कार्य बिल्कुल करेंगे। पलामू प्रमंडल की जनता/युवा एवं छात्र/नौजवानों के साथ कभी भी अन्याय नही होगा। जहाँ तक पलामू प्रमंडल में महागठबंधन के नेताओं को घूसने नहीं देन का सवाल है तो यह फैसला जनता का होगा ।












