ख़ुमताई/असम/रांची :
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ख़ुमताई विधानसभा क्षेत्र से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी श्री अमित नाग के पक्ष में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सोरेन ने असम के चाय बागान क्षेत्रों में रह रहे आदिवासियों की स्थिति और केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार किया।
पिछड़ापन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
हेमन्त सोरेन ने कहा कि उन्हें पहले लगता था कि झारखण्ड देश का सबसे पिछड़ा राज्य है, लेकिन असम के चाय बागान क्षेत्रों का दौरा करने के बाद उनकी यह धारणा बदल गई। उन्होंने कहा यहां के आदिवासियों की हालत देखकर मैं दंग हूं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी चाय बागान क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हक और अधिकार के लिए संघर्ष का आह्वान
सोरेन ने आदिवासियों के अधिकारों पर बात करते हुए कहा आज देश में वंचितों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों के हक छीनकर उन्हें जेलों में भरा जा रहा है। आज के दौर में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनका हक मांगने से नहीं मिलेगा। अपने हक और अधिकार के लिए हमें लड़ना होगा और उसे छीनना पड़ेगा।
केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के वादों पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी तरह विफल रही है। प्रधानमंत्री के 2023 तक हर गरीब को पक्का मकान देने के वादे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि धरातल पर कहीं भी पक्के मकान नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा।
आदिवासी एकजुटता पर जोर
सोरेन ने असम के सभी आदिवासियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा यदि आप अपनी ताकत पहचान लें और एक छत के नीचे संगठित हो जाएं, तो आप अपनी किस्मत खुद लिख सकते हैं। आपकी एकजुटता ही वह शक्ति है जो सरकार को आपकी उंगलियों पर नचाने को मजबूर कर देगी।
इस अवसर पर प्रत्याशी अमित नाग सहित जेएमएम के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।












