बिहार :नालंदा जिला के नूरसराय थाना अंतर्गत ढीबरापर गाँव में एक महिला के साथ हुई छेड़खानी की घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। इससे नालन्दा और बिहार की छवि तो धूमिल हुई ही, साथ ये स्पष्ट हो गया कि समाज में कितने वहशी हैं। आज हम पीड़िता के परिजनों से मिलकर दुख जाहिर किया और ₹50,000 की आर्थिक मदद दी। हमने उन्हें कहा कि वे गांव में रहकर की रोजगार करें।
इसके अलावा हम शासन और प्रशासन से अपील करेंगे कि दोषियों पर स्पीडी ट्रायल के जरिए सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। नालंदा में महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे अपनी घिनौनी हरकतों का वीडियो बनाकर वायरल करने तक से नहीं डरते। यह सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता पर भी बड़ा सवाल है।
दुखद यह है कि ऐसी घटनाओं में अपराधियों पर सवाल कम और पीड़िता के चरित्र पर उंगली ज्यादा उठाई जाती है। आखिर यह अधिकार इन अपराधियों को देता कौन है? जबकि समाज और प्रशासन दोनों मिलकर ऐसी मानसिकता को कुचलें, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए आगे आने की जरूरत है। महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। ये समाज को भी तय करना होगा, ना कि पीड़ित महिला के चरित्र पर सवाल खड़े कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना होगा।












