रांची : 13 वर्ष की मासुम लड़की, जो पिठोरिया की रहनेवाली है, जिसके मां-बाप गरीबी के कारण एवं बच्ची का लालन-पोषण नहीं कर पाने के कारण एक 45 वर्षीय युपी के रहनेवाले अधेड़ उम्र के लड़के से शादी तय कर दिया गया था। 31 मार्च को शादी तय हो गयी थी। तत्पश्चात लड़की घर से भाग कर बुण्डू पहुंच गयी तब बुण्डू पीएलवी की नजर जब उस लड़की पर पड़ी, तब उन्होंने फोन कर डालसा सचिव को बतायी, तत्पश्चात डालसा सचिव ने न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर एवं माननीय सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त, रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक टीम का गठन कर डालसा की टीम को बुण्डू भेजा एवं स्वयं बच्ची से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
तत्पश्चात, बुण्डू महिला थाना की पु.अ.नि. बुलबुल कुमारी एवं डालसा की टीम जिसमें पीएलवी सोनामनी देवी, रूकमनी देवी, प्रदुमण प्रमाणिक, बिमला कुमारी एवं महिला आरक्षी सुमीला लकड़ा मिलकर बच्ची को रेस्क्यू कर चाईल्ड हेल्पलाईन की मदद से बच्ची को प्रेमाश्रय रांची में आवासित किया गया एवं बच्ची आगे लिखना-पढ़ना चाहती है एवं सिलाई सीखना चाहती है। इसके लिए डीसीपीयु से बात कर उसे प्रशिक्षण की व्यवस्था करायी जायेगी एवं आवासीय स्कूल में दाखिला भी कराया जायेगा।
ज्ञात हो कि लड़की की शादी गोला के रहनेवाले लुतेश कुमार महतो के द्वारा ठीक किया गया था।
डालसा सचिव ने महिला थाना प्रभारी बुण्डू को इस वाद में दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध उचित कार्रवाई करने के लिए बातचीत किये।













