रांची ज़ोनल कार्यालय ने प्रवर्तन निदेशालय 26.03.2026 को धन-शोधन निवारण अधिनियम पीएमएलए, 2002 की धारा 44 के साथ पठित धारा 45 के तहत, माननीय विशेष न्यायाधीश, सीबीआई-सह-विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए), रांची के समक्ष दो आरोपितों मनोज कुमार पूर्व शाखा प्रबंधक, स्केल-॥ अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक और श्रीमती नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी (उनकी पत्नी) के विरुद्ध पीएमएलए, 2002 के तहत धन-शोधन का अपराध करने के आरोप में एक अभियोजन शिकायत पीसी दायर की है।ईडी ने सीबीआई, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), धनबाद और शिकारीपाड़ा पुलिस स्टेशन, दुमका द्वारा मनोज कुमार के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार के लिए आईपीसी, 1860, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ये अपराध मनोज कुमार द्वारा जनवरी 2013 से सितंबर 2020 की अवधि के दौरान भारतीय स्टेट बैंक की पांच शाखाओं में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्य करते हुए व्यवस्थित बैंकिंग धोखाधड़ी से संबंधित हैं, जिनमें फूलबंगा, साहेबगंज, पीबीबी साहेबगंज, बरहेट बाजार और शिकारीपाड़ा शाखाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जांच अवधि 01.01.2014 से 11.01.2024 के दौरान 1.24 करोड़ रुपये (लगभग) की अनुपातहीन संपत्ति रखने के लिए उनके खिलाफ एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।ईडी की जांच में पता चला कि श्री मनोज कुमार ने (i) चार एसबीआई शाखाओं में अनधिकृत डेबिट लेनदेन के माध्यम से कुल 5.40 करोड़ रुपये (लगभग) की आपराधिक आय अर्जित की, जिससे फुलबंगा, साहेबगंज, पीबीबी साहेबगंज और बरहेट बाजार शाखाओं को मिलाकर 2.48 करोड़ रुपये (लगभग) का गलत नुकसान हुआ और बरहेट बाजार शाखा में 89.90 लाख रुपये (लगभग) का नुकसान हुआ और (ii) एसबीआई की शिकारीपाड़ा शाखा में केसीसी ऋण खातों, पेंशन खातों, बचत खातों और नकद क्रेडिट खातों सहित 440 ग्राहक खातों में व्यवस्थित धोखाधड़ी से हेरफेर किया, जिससे 1.05 करोड़ रुपये (लगभग) का गलत नुकसान हुआ। अपराध की उक्त आय को पारिवारिक खातों, सहयोगियों के खातों और शेल एनजीओ के नेटवर्क के माध्यम से छुपाया गया, मुख्य आरोपी की पत्नी कुमारी उर्फ नीतू देवी, एक गृहिणी है और उनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है। उन्होंने जानबूझकर अपने बैंक कहते को अपराध की आय को जमा करने के लिए मुख्य ज़रिया बनने दिया, और उनके बैंक खाता और उसके भाई के बैंक खाता से अपराध की आय का इस्तेमाल करके सागर कॉलोनी, साहेबगंज में आवासीय संपत्ति उनके नाम पर अर्जित की गई। इसके अलावा, 11.01.2024 को सीबीआई द्वारा ली गई तलाशी के दौरान उनके पास से 10 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई।जांच के दौरान, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5 के तहत दिनांक 17.03.2026 को अनंतिम कुर्की आदेश (पीएओ) के जरिए 97.92 लाख रुपये (लगभग) मूल्य की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया। कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं (i) सागर कॉलोनी, बाड़मेर में 5 कट्ठा भूमि पर निर्मित एक आवासीय घर, लोहंडा, साहेबगंज, झारखंड, में श्रीमती नीतू कुमारी के पंजीकृत है, जिसकी कीमत लगभग 45.75 लाख रुपये है; और (ii) फ्लैट संख्या बी-1 और सी-1, सुबोध पैलेस, शिवपुरम, बेली रोड, रुकनपुरा, पटना, बिहार, जो मनोज कुमार के नाम पर है, जिसकी कीमत लगभग 52.17 लाख रुपये है। यह पीएओ माननीय न्याय-निर्णयन प्राधिकरण (पीएमएलए) के समक्ष पुष्टि हेतु लंबित है।यह मामला माननीय विशेष न्यायालय में विचाराधीन है।आगे की जांच जारी है।













