रांची :झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार और छह पुलिसकर्मियों की हत्या मामले दो माओवादियों के फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले पर खंडपीठ के दो जजों का अलग-अलग निर्णय होने से मौत की सजा को बरकरार रखना संभव नहीं है। भले ही अपराध बेहद गंभीर क्यों न हो।
दुमका की निचली अदालत ने एसपी अमरजीत बलिहार के हत्यारे दो माओवादी सुखलाल उर्फ प्रवीर मुर्मू एवं सनातन बास्की उर्फ ताला को फांसी की सजा सुनाई थी। इससे पहले हाई कोर्ट की खंडपीठ के जस्टिस आर मुखोपाध्याय ने अपील करने वालों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। जबकि जस्टिस संजय प्रसाद ने दोनों को दोषी मानते हुए मौत की सजा को उचित ठहराया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया भाषण !
लंदन/रांची :आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों...












