रांची : झारखंड के किसान महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है ,झारखंड सरकार धान के खरीदारी पर लेकर उदासीन रवैया धान की खरीद तीन से चार महीने देर कर किसानों से धान खरीद एक षड्यंत्र के तहत महसूस होता है .किसान मजबूर होकर औने -पौने भाव में दलालों के हाथों बेच देते हैं, जो एमएसपी खोकला सिस्टम समझ में आता है .
ग़ौरतलब है की किसानों का धान का पैसा 8 से 10 महीने से बकाया है .झारखंड में 6 महीने अधिक से अधिक हो गया 200 करोड़ किसानों का पैसा बकाया है .सरकार की नीतियों को लेकर किसानों के बीच हताश है ,और इस वित्तीय वर्ष में जो भी धान बेचेंगे नगद बेचेंगे .किस परिस्थितियों में सरकार उधार धान नहीं देंगे किसानों से खरीदने के लिए मजबूर कर रही है .इसका हिसाब राज्य सरकार को देना पड़ेगा .धान खरीद के लिए जो पैसा आता है और राज्य सरकार कहां खर्च कर रही है .किसान हमारे झारखंड राज्य में बहुत ज्यादा परेशान हो रहे हैं योजनाओं के नाम पर जमीन का अधिग्रहण हो रहा है जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है उसमें 90% जमीन जा रही है ,उसमें अधिकांश जमीन गैरमजरूआ है ,किसान लगभग 200 सालों से काबीज हो एक नोटिस भेज कर बेदखल कर दिया जा रहा है .राज्य सरकार धान खरीदारी को लेकर तुर्की फरमान लाद दिया जाता है किसी कीमत में हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.धान की खरीद में एक सिंडिकेट दलाल और अधिकारियों का बनाकर करोड़ों का घोटाला किया गया है .










