नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया हैं , इस बार 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 114 नायकों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया हैं ,फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार मिला है, जबकि झारखंड राज्य के लिए आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिला हैं इनके अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया हैं
राजनीतिक सफर पर एक नजर :-
झारखंड के पूर्व सीएम पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन 3 बार सीएम, तीन बार केंद्रीय मंत्री, 35 साल तक सांसद, झारखंड के गठन रही बड़ी भूमिका रही है , स्वर्गीय शिबू सोरेन 81 वर्ष के उम्र में सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली , मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया जाएगा ,झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 में बिहार के रामगढ़ जिले में जन्मे शिबू सोरेन संथाल समुदाय से आते हैं. तीन बार के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन मौजूदा समय में झारखंड से राज्यसभा सांसद थे. पहली बार साल 2005 में वे 10 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे, जब 2 मार्च से 12 मार्च तक उन्होंने कार्यकाल संभाला था. फिर, दूसरी बार साल 2008-09 में और तीसरी बार साल 2009-10 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली.इसके अलावा, शिबू सोरेन ने तीन बार केंद्रीय मंत्री पद की भी जिम्मेदारी संभाली. साल 2004, 2004-05 और फिर 2005-06 में वे तीन बार कोयला मंत्री बने. इससे भी पहले साल 1980-84 और 1989-99 तक वे दुमका से लोकसभा सांसद रहे. फिर साल 2002 से लेकर 2019 तक भी उन्होंने सांसद का जिम्मा संभाला.झारखंड के गठन में शिबू सोरेन का बड़ा रोल रहा हैशिबू सोरेन ने 18 साल की उम्र में संथाल नवयुवक संघ की स्थापना की थी. इसके बाद साल 1972 में उन्होंने एके रॉय और बिनोद बिहारी महतो के साथ मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया. ‘अलग राज्य आंदोलन’ ने शिबू सोरेन को अपनी पहचान दिलाई. इसी के चलते साल 2000 में बिहार से अलग एक राज्य बना झारखंड यही उनकी असली पहचान हैं .
रिपोर्ट :- सुषमा , रांची स्टेट हेड












