झारखंड भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम में ही इसका सार छिपा है । जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है नारियों का वंदन। देश द्वारा 2047 में आजादी के 100 वर्ष के उपलक्ष्य पर जो विकसित भारत का लक्ष्य रखा गया है वह बिना महिलाओं के सहयोग और योगदान के संभव नहीं है। अब महिलाएं सिर्फ लाभार्थी नहीं बल्कि सारथी बन रही हैं। महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में 33% आरक्षण देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री धन्यवाद के पात्र हैं जिन्होंने इस अधिनियम के माध्यम से नारियों को सम्मान एवं उन्हें नेतृत्व का अवसर देने का काम किया है। श्रीमती कोड़ा भाजपा प्रदेश कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रही थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से ही महिला सशक्तिकरण के पक्षधर रहे हैं। भारतीय संस्कृति में भी नारी के सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कहते हैं ना कि जहां नारियों का सम्मान होता है वहीं देवता बसते हैं। आज देश की 70 करोड़ और झारखंड की पौने 2 करोड़ महिलाएं प्रधानमंत्री को धन्यवाद कर रही हैं। घर आंगन की दहलीज से बाहर आकर नेतृत्व में भागीदारी पाने की यह उपलब्धि कोई एक दो दिन में नहीं मिली है बल्कि इस भागीदारी के लिए महिलाओं ने लंबा संघर्ष किया है। आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत उस संघर्ष को विराम मिल रहा है और नेतृत्व का जो अवसर मिल रहा है उसमें नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार का अहम योगदान है।
कहा कि मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक में ऐसी कई योजनाएं लाई गई जिससे महिलाओं को आगे बढ़ाने में, इन्हें सशक्त करने में वह मील का पत्थर साबित हुआ है। 33 करोड़ महिलाओं का बैंक खाता खुला, 69% महिलाओं को मुद्रा योजना से ऋण प्राप्त हुआ है, 10 करोड़ से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों में साफ पानी महिलाओं को मिल रहा है, 10 करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन महिलाओं को मिला है, पीएम आवास में 74% से ज्यादा स्वामित्व महिलाओं को मिला है।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव हो या हाल ही में झारखंड में संपन्न निकाय चुनाव, महिलाओं ने अपना दमखम दिखाने का काम किया है। यह साबित करता है कि जहां महिलाओं को मौका मिला है उन्होंने अपना बेहतर प्रदर्शन दिखाया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण जो मिलेगा, विधानसभा से लेकर सांसदी तक राष्ट्र निर्माण में महिलाएं अपना अहम योगदान निभाने का काम करेंगी। स्वाभाविक रूप से जब नीति निर्धारण में इनकी भागीदारी बढ़ेगी तो इनसे जुड़ी समस्याओं चाहे वह सुरक्षा का हो या विकास का हो, इनका समाधान खुद ही संभव होता चला जाएगा।
कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केलिए संसद का विशेष सत्र जो 16, 17 एवं 18 अप्रैल को दिल्ली में होने जा रहा है, विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों से भी इस अधिनियम का समर्थन करने का आग्रह है,ताकि 2029 में देश निर्माण में और 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने में महिलाओं को भी अपनी उचित भागीदारी निभाने का मौका मिले।
इस दौरान श्रीमती गीता कोड़ा ने एक नंबर 9667173333 भी जारी किया जिसपर लोग मिस्ड कॉल कर इस अधिनियम को अपना समर्थन दे सकें।।











