Saturday, January 3, 2026
  • About
  • Careers
  • Contact
  • Privacy Policy
First Report Live
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल
No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल
No Result
View All Result
First Report Live

Home » सारंडा का बदलाव अब दिखने लगा है -सरयू राय !

सारंडा का बदलाव अब दिखने लगा है -सरयू राय !

खनन और वृक्षों की कटाई ने बर्बाद किया सारंडा कोःजस्टिस पाठक .

firstreport desk2 by firstreport desk2
6 months ago
in झारखंड, पॉलिटिक्स, रांची
Reading Time: 1 min read
A A
0
सारंडा का बदलाव अब दिखने लगा है -सरयू राय !
1
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ये भीपढ़िये

झारखंड सीएम पर निम्न स्तरीय टिप्पणी बाबूलाल मरांडी जी की गिरी मानसिकता का परिचय !

अबुआ सरकार की पहल से बेटियों को नई उड़ान !

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के बाहर खुलेगा नाइट मार्केट !

एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई !

रांची : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और सारंडा बचाओ अभियान के संयोजक सरयू राय ने कहा है कि अब सारंडा बदल रहा है। यह बदलाव दिख भी रहा है। सारंडा के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार ने अनेक वर्किंग प्लान बनाए। मेटल और माइनिंग की ट्रेडिंग सबके लिए खोल दिये जाने के बाद 2003 के आस-पास इनकी मांग बढ़ गई थी। सारंडा के जितना क्षेत्रफल है, उससे अधिक क्षेत्रफल के लिए खनन हेतु आवेदन खनन विभाग में आ गया था।यहां रांची प्रेस क्लब में आयोजित सारंडा का बदलता परिदृश्य विषय पर आयोजित सेमिनार में अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि जिसने कभी माइनिंग का नाम नहीं सुना था, उसने भी माइनिंग लीज के लिए आवेदन कर दिया था। माइनिंग लीज के जो वास्तविक धारक थे, वे सरफेस रेंट के लिए जरूरी धनराशि जमा करा पाने में असमर्थ थे। माइनिंग सेक्टर में बूम आने के बाद वे अन्य उद्योगपतियों के साथ गठजोड़ करके इसको चलाने लगे। इसके कारण अवैध माइनिंग धड़ल्ले से शुरु हो गई। अवैध माइनिंग के बारे में पूरे भारत में जोरदार चर्चा शुरु हो गई। उसी दरम्यान सारंडा बचाओ अभियान ने एक पीआईएल फाइल किया। इस पीआईएल को फाइल करने में जस्टिस डॉ. एस. एन. पाठक की अहम भूमिका थी। तब वह सीनियर एडवोकेट थे। उन्होंने कोई फीस नहीं ली और साथ में काम करते रहे। उन दिनों डॉ. पाठक सीनियर वकील थे। बाद में जज बने और अब तो रिटायर भी हो गए लेकिन केस अब तक चल रहा है। इसमें हम लोगों की भी कमी रही। हम लोग उदासीन हो गए। इसी कारण कोई फैसला नहीं हो पाया। अभी दिवाकर उपाध्याय यह केस देख रहे हैं। सारंडा बचाओ अभियान, नेचर फाउंडेशन और युगांतर प्रकृति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सेमिनार में सरयू राय ने कहा कि सरकार के सभी विभागों के सचिव अपने-अपने विभागों के हित देखते हैं। जहां इंटीग्रल सोच की जरूरत होनी चाहिए, वहां डिफरेंट थॉट काम करता है। कोई इंटीग्रल सोच का ध्यान नहीं रखता। यह चिंता का विषय है। सभी विभागों के हित एक-दूसरे के हितकारी नहीं होते। उन्होंने कहा कि सारंडा के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रुप से राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि कंप्लायंस करके 23 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट दे दें। हमें लगता है कि झारखंड सरकार के अफसर ऐसा ही करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्र के हित में और अधिक खनन जरूरी होगा तो राज्य सरकार अदालत में अपनी बातों को तार्किक तरीके से रखेगी। उन्हें पक्का यकीन है कि न्यायालय उन्हें खनन के लिए जरूर मौका देगी। श्री राय ने कहा कि माइनिंग करना देश के लिए आवश्यक है, विदेशों के लिए नहीं। विदेशों में बेचे जाने के पहले देश की जरूरतों को भी देखने की जरूरत है। श्री राय ने कहा कि सारंडा की इकोलॉजी सुरक्षित हो, यह जरूरी है। पर्यावरण और खनन विभाग में समन्वय की सबसे अधिक आवश्यकता है। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) डा. एस. एन. पाठक ने कहा कि सारंडा जंगल जिसे कभी 700 पहाड़ियों की भूमि के रूप में जाना जाता था, जो हरे स्टील के रूप में जाने जाने वाले ऊँचे शाल के पेड़ों और मजबूत आदिवासी समुदायों से भरा हुआ था। सदियों तक सारंडा को एचओ मुंडा और संथाल लोगों के हाथों संरक्षित और पोषित किया गया था। जंगल सिर्फ पेड़ और जानवर नहीं थे। यह संस्कृति परंपरा और पूर्वी भारत की पारिस्थितिकी के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा थी। लेकिन हाल के दशकों में इसे चुपचाप लेकिन लगातार खनन, वनों की कटाई, विस्थापन और कभी-कभी सिर्फ उदासीनता के कारण नुकसान पहुँचाया गया। एक न्यायाधीश के रूप में मुझे अक्सर विकास की जरूरतों को प्रकृति की रक्षा की जरूरत के खिलाफ तौलना पड़ता है और मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि ये दोनों दुश्मन नहीं हैं। सच्चे विकास का मतलब प्रकृति को नष्ट करना नहीं है। इसका मतलब है इसके साथ बढ़ना। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक फैसले में स्थिति की गंभीरता को पहचाना और वन संरक्षण कानूनों के उल्लंघन, अपरिवर्तनीय पारिस्थितिक क्षति और आदिवासी समुदायों के अधिकार के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणी की। हमारा संविधान कहता है कि पर्यावरण की रक्षा करना राज्य और प्रत्येक नागरिक दोनों का कर्तव्य है। इसलिए सारंडा को संरक्षित करना केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं है, यह केवल झारखंड के बारे में नहीं है, यह एक राष्ट्र के रूप में हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पूर्व प्रधान वन संरक्षक धीरेंद्र कुमार ने कहा कि वह जब सारंडा का डीएफओ थे, तब वहां सागवान के बहुत सारे पेड़-पौधे थे। उन्हें वहां इसीलिए भेजा गया कि वह सागवान की अंधाधुंध हो रही कटाई को रोकें। उन्होंने स्थानीय नौजवानों को रोजगार दिया और उनसे ही सागवान की कटाई रुकवाई। सारंडा के परिप्रेक्ष्य में लोगों को रोजगार देकर जोड़ने की जरूरत है। खनन विभाग के पूर्व उप निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि लोगों की यह धारणा बन गई है कि खनन विभाग प्रदूषण फैलाने में सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। यह गलत है। खनन विभाग अब बेहद संजीदा हो गया है। यह अपने कर्तव्यों का पूर्णतः निर्वहन कर रहा है। देश और राज्य की आधारभूत संरचना के विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। प्रख्यात पर्यावरणविद प्रो. डी. एस. श्रीवास्तव ने कहा कि सारंडा 700 पहाड़ों का समूह है जहां अवैध खनन और गलत तरीके से वृक्षों की लगातार कटाई हो रही है। इसी कारण सारंडा बर्बाद हो रहा है। हाथियों का यह शानदार कॉरीडोर था, जिसे तबाह कर दिया गया है। सारंडा से लगे अनेक इलाकों की यही स्थिति है। सारंडा में सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का जो खदान है, उसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है, टाटा स्टील के मुकाबले। सेल ने वहां पर माइंस का पहाड़ खड़ा कर दिया है। यह सारंडा की बर्बादी का सबसे अहम कारण है। पूर्व प्रधान वन संरक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने कहा कि 1924 में, जब यहां अंग्रेज थे, उन्होंने 850 किलोमीटर क्षेत्र को सारंडा का नाम दिया। सारंडा बनने के बाद 1968 में सुसंदा वर्किंग प्लान बना था। 1972 में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का गठन हुआ था। यह हाथियों के सबसे बेहतरीन आश्रयस्थली है। देश भर मेंहाथियों के लिए इससे शानदार शरणस्थली कोई नहीं। इसके संरक्षण की जरूरत है। मनुष्य और वायरस, ये दो चीजें ऐसे हैं जो पृथ्वी के मूल स्वरूप को बर्बाद कर रहे हैं। सारंडा को खनन और परिवहन ने बर्बाद करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। पूर्व प्रधान वन संरक्षक एच.एस. गुप्ता ने कहा कि इंसान खुद को सबसे ज्यादा काबिल समझता है। इसका नतीजा यह है कि आज प्राकृतिक स्वरूप अपने मूल रुप में नहीं है। हमारे पास एक से बढ़ कर एक तकनीकी है। उसका इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए। खनन विभाग के उप निदेशक संजीव कुमार ने कहा कि खनन, पर्यावरण और विकास ये सब एक-दूसरे के पूरक हैं। खनन विभाग ने सारंडा समेत राज्य के अनेक हिस्सों में आजीविका के लिए अनेक कार्य किये हैं। डीएमएफटी फंड प्रारंभ किया ताकि स्थानीय जो लोग हैं, उनका जीवन स्तर सुधर सके। अतिरिक्त प्रधान वन संरक्षक सिद्धार्थ त्रिपाठी ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन युगांतर प्रकृति के अध्यक्ष अंशुल शरण ने किया। स्वागत भाषण प्रो. एमके जमुआर ने किया जबकि विषय प्रवेश डॉ. आर.के. सिंह और धन्यवाद ज्ञापन निरंजन सिंह ने किया।

Tags: #change # Saranda # now visible # Saryu Rai.
ShareTweetSendShare
firstreport desk2

firstreport desk2

You May Like This

कांग्रेस पार्टी गांव,गरीब,किसान विरोधी :आदित्य साहू !

कांग्रेस पार्टी गांव,गरीब,किसान विरोधी :आदित्य साहू !

by firstreport desk2
3 days ago
0

रांची :साहू ने कहा कि जब मनरेगा में फर्जीवाड़ा,भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो गया, कई सुधार के प्रयासों के बावजूद स्थिति...

मुख्यमंत्री ने आईपीएस रैंक में प्रोन्नत , बैच पहनाकर किया सम्मानित !

मुख्यमंत्री ने आईपीएस रैंक में प्रोन्नत , बैच पहनाकर किया सम्मानित !

by firstreport desk2
3 days ago
0

रांची :मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के कई अधिकारियों ने...

प्रखण्ड स्वास्थ्य मेला 06 से 10 जनवरी 2026 तक आयोजन !

प्रखण्ड स्वास्थ्य मेला 06 से 10 जनवरी 2026 तक आयोजन !

by firstreport desk2
3 days ago
0

रांची:आज शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने 06 से 10 जनवरी 2026 तक होने वाले प्रखण्ड...

एक अपार्टमेंट में मिला सिक्योरिटी गार्ड का शव !

एक अपार्टमेंट में मिला सिक्योरिटी गार्ड का शव !

by firstreport desk2
3 days ago
0

रांची: राजधानी रांची के साउथ ऑफिस पाड़ा इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया,...

सेंट्रल जेल से 3 कैदी फरार !

सेंट्रल जेल से 3 कैदी फरार !

by firstreport desk2
3 days ago
0

हजारीबाग : लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) से तीन कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई...

राज्य में नियुक्तियों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा : हेमंत सोरेन !

राज्य में नियुक्तियों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा : हेमंत सोरेन !

by firstreport desk2
3 days ago
0

रांची :मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज जेएसएससी द्वारा आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा - 2023 (सीजीएल) के...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग न्यूज

  • नेचर’स एसेंस प्रोफेशनल द्वारा रांची में ग्लोटर्निटी सेमिनार का सफल आयोजन !

    नेचर’स एसेंस प्रोफेशनल द्वारा रांची में ग्लोटर्निटी सेमिनार का सफल आयोजन !

    107 shares
    Share 43 Tweet 27
  • झारखंड के इतिहास में कांग्रेस के लिए मिल का पत्थर साबित होगा!

    3 shares
    Share 1 Tweet 1
  • राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सीएम एवं गवर्नर ने गुलदस्ता भेंट किया !

    3 shares
    Share 1 Tweet 1
  • तीन दिवसीय 5 वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन हुआ सफल समापन !

    2 shares
    Share 1 Tweet 1
  • केंद्रीय मंत्री संजय सेठ को धमकी देने वाला दिल्ली से गिरफ्तार !

    3 shares
    Share 1 Tweet 1

अभी अभी

झारखंड सीएम ने कहा – खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन !

झारखंड सीएम ने कहा – खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन !

January 2, 2026
इलाज के दौरान चंद्रमणि देवी का निधन जिससे जम कर हंगामा !

इलाज के दौरान चंद्रमणि देवी का निधन जिससे जम कर हंगामा !

January 2, 2026
एक नाबालिग लड़की का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ !

एक नाबालिग लड़की का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ !

January 2, 2026
बिहार सीएम लोकनायक जयप्रकाश नारायण सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के भवन निर्माण कार्य का किया निरीक्षण !

बिहार सीएम लोकनायक जयप्रकाश नारायण सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के भवन निर्माण कार्य का किया निरीक्षण !

January 1, 2026
अबुआ सरकार की पहल से बेटियों को नई उड़ान !

झारखंड सीएम पर निम्न स्तरीय टिप्पणी बाबूलाल मरांडी जी की गिरी मानसिकता का परिचय !

January 1, 2026
First Report Live

First Report Live हर कीमत पर जनता की शब्द और आवाज़ बनकर खबर प्रकाशित करती है। हमारी नज़र विशेष तौर पर बिहार-झारखंड के साथ साथ पूरे देश की खबरों पर बनी रहती है। लेटेस्ट खबरों की अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।

  • About
  • Careers
  • Contact
  • Privacy Policy

© 2021–2023 firstreportlive.com | All Rights Reserved | Designed and Managed by ITVision Web Technologies

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • बिहार
    • पटना
    • दरभंगा
    • भागलपुर
    • बांका
    • गया
    • औरंगाबाद
    • रोहतास
    • कैमूर
    • जहानाबाद
    • नवादा
  • झारखंड
    • रांची
    • हजारीबाग
    • जमशेदपुर
    • धनबाद
    • बोकारो
    • गिरिडीह
    • दुमका
  • पॉलिटिक्स
  • बिजनेस
  • धर्म
  • फिल्मी
  • करियर
  • खेल

© 2021–2023 firstreportlive.com | All Rights Reserved | Designed and Managed by ITVision Web Technologies

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.