रांची : झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के विस्तार की योजना पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कांके प्रखंड के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 के लिए की जा रही जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया का स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है । . इस विरोध को और बल मिला, जब झारखंड बीजेपी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी नगड़ी पहुंचे और ग्रामीणों के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने न केवल जमीन का मुआयना किया, बल्कि राज्य सरकार की नीति पर भी तीखा हमला बोला।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, राज्य में पहले से ही खाद्यान्न की भारी कमी है। जितनी जरूरत है, उतना उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उपजाऊ खेती योग्य जमीन को अधिग्रहित कर अस्पताल बनाना अनुचित है। यह कृषि पर सीधा हमला है।
उन्होंने सरकार को सलाह दी कि वह निर्माण के लिए बंजर जमीन का चयन करे। मरांडी ने चुनौती देते हुए कहा इस जमीन के आसपास 5-10 किलोमीटर के दायरे में बंजर जमीन तलाशिए। अगर नहीं मिलती है, तो हमें बताइए हम बंजर जमीन दिखा देंगे। लेकिन उपजाऊ जमीन नहीं छीनने देंगे।
ग्रामीणों का भी कहना है कि जिस जमीन पर रिम्स-2 बनाने की योजना है, वह उनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत है। वे वर्षों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। वे अस्पताल निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि परियोजना के लिए वैकल्पिक, अनुपजाऊ जमीन का चयन किया जाना चाहिए।












