रांची :झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने चंपई सोरेन को नया नेता चुना है. हेमंत सोरेन की जगह वह राज्य के आज झारखंड के 7 वें सीएम के रूप में चंपई सोरेन में आज 12:00 दिन में राजभवन शपथ लेंगे कल देर रात विधायक दल के नेता चंपई सोरेन साथ में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम राज भवन में राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कीउसके बाद राजपाल शपथ लेने के लिए निमंत्रण दिया.
वह हेमंत सोरेन की सरकार में परिवहन मंत्री थे. 68 वर्षीय चंपई सोरेन कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं. वह हेमंत सोरेन के सबसे विश्वस्त माने जाते रहे हैं. चंपई सोरेन झामुमो के सुप्रीमो शिबू सोरेन के अनन्य सहयोगी रहे हैं. कई मौकों पर सीएम हेमंत सोरेन को इनका पैर छूते हुए भी देखा गया है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि झामुमो में इनकी अहमियत कितनी है.कहा यह भी जाता है कि चाहे मामला सरकार का हो या पार्टी का, अहम विषयों पर हेमंत सोरेन इनसे सलाह-मशवरा जरूर करते रहे हैं. चंपई सोरेन को लोग ‘झारखंड टाइगर’ के नाम से भी बुलाते हैं. चंपई ने 1991 में पहली बार उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी. वो जीत इसलिए बड़ी थी क्योंकि उन्होंने कद्दावर झामुमो सांसद कृष्णा मार्डी की पत्नी को हराया था. बाद में 1995 में झामुमो के टिकट पर जीत हासिल की. लेकिन, वर्ष 2000 में बीजेपी के अनंतराम टुडू से चुनाव हार गए थे. इसके बाद वर्ष 2005 से लगातार सरायकेला से विधायक रहे हैं. 2019 में इन्होंने भाजपा के गणेश महली को हराया था.चंपई सोरेन का जन्म सरायरकेला के जिलिंगगोड़ा में 1956 में सेमल सोरेन और माधव सोरेन के घर हुआ. अपने तीन भाइयों और एक बहन में ये सबसे बड़े हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो ये मैट्रिक पास हैं. इनकी शादी मानको सोरेन से हुई है और इनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं.













