रांची : साहू ने कहा कि निकाय चुनाव में अपनी करारी हार को देखते हुए हेमंत सरकार बौखला गई है। राज्य की सत्ता में शामिल गठबंधन दलों को मालूम हो गया है कि उनके समर्थित उम्मीदवारों को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। इसलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग करते हुए अब भाजपा को यह सरकार टारगेट कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के ऊपर गिरिडीह में मुकदमा दर्ज करना एक तरह से सत्ता पक्ष की बौखलाहट है। बाबूलाल मरांडी जी कोई नासमझ नेता नहीं है जो आचार संहिता का उल्लंघन करेंगे।लेकिन हेमंत सरकार पर सत्ता का अहंकार इतना हावी है कि अब नेता प्रतिपक्ष जहां भोजन कर रहे हों उसे भी आचार संहिता से जोड़कर मुकदमा दर्ज कराया गया। यह सरासर सत्ता का दुरुपयोग है।पुलिस प्रशासन पूरी तरह राज्य सरकार की टूल किट बन गया है।
कहा कि एक तरफ नेता प्रतिपक्ष पर राज्य सरकार मुकदमा दर्ज करा रही दूसरी ओर निकाय चुनाव में पूरे प्रदेश में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।
कहा कि चक्रधर पुर में भाजपा समर्थित नगर निकाय प्रत्याशी विजय सिंह गगराई को लगातार जान से मारने की धमकी अपराधियों द्वारा मिल रही है,उनके घर पर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
कहा कि इतना ही नहीं भाजपा ने जो चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग की संभावना जताई है उसकी पूरी तैयारी अपराधियों के बढ़ते आतंक से सच होती दिखाई पड़ रही है।
कहा कि विजय सिंह गगराई ने जिला प्रशासन,निर्वाचन अधिकारी,पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत की है,थाना में एफआईआर दर्ज कराया है लेकिन अपराधी बेलगाम हैं।
साहू ने कहा कि निर्वाचन आयोग को पूरे प्रदेश में भयमुक्त और निष्पक्ष निकाय चुनाव कराने की जिम्मेवारी है।
कहा कि अगर चुनाव को अपराधियों ,गुंडों,बदमाशों से प्रभावित करने की कोशिश अगर की है, भाजपा समर्थित प्रत्याशी को खरोंच भी लगी तो भाजपा पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन को बाध्य होगी।
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