रांची : रांची से साहेबगंज के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के मिसिंग क्षेत्र में फोरलेन एवं सिक्सलेन सड़क निमार्ण के लिए केंद्र सरकार ने पूरी सहायता करने का आश्वासन दिया है। इस पर आगे की कार्रवाई करने का निर्देष दिया गया है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत मंडपम के अंतगर्त केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें राजमहल से पष्चिम बंगाल के मानिक चक तक गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्ताव पर विचार कर डीपीआर बनाने का निर्देष दिया गया ।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य माइनिंग,इंडस्ट्रीयल और पर्यटन के विकास एवं सुलभ यातायत की परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव देने को कहा जिससे झारखंड का इन क्षेत्रों में समग्र विकास हो सके।
बैठक में झारखंड अंतगर्त एनएचआई , एनच एवं राज्य सरकार के तहत क्रियान्वित एवं स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा की गयी । केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा विगत साल पथ निर्माण से संबंधित फारेस्ट क्लीयरेंस एवं भूमि अधिग्रहण के मामले पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने शेष लंबित अधिग्रहण एवं एनओसी के मामलों को ससमय निष्पादित करने का निर्देष दिया।
केंद्रीय मंत्री द्वारा झाखंड एवं सीमावर्ती राज्यों में खनन एवं औद्योगिक गतिषीलता के लिए प्रस्ताव बनाकर पीएम गति शक्ति पोर्टल पर डालने का निर्देष राज्य के पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार को दिया ताकि सक्षम प्राधिकार द्वारा उसकी समीक्षा कर प्रस्ताव को योग्य करार देते हुये आगे की कार्रवाई की जा सके। केंद्रीय मंत्री के समक्ष राष्ट्रीय राजमार्ग के रांची से साहेबगंज के बीच जैनामोड डुमरी और फुसरो तथा देवघर से मिर्खाबाद के बीच मिसिंग इलाकों के बीच फोरलेन एवं सिक्स लेन सड़क बनाने के प्रस्ताव पर भी प्राथमिक सहमति देते हुये सक्षम प्राधिकार के सामक्ष प्रस्तुत करने का निर्देष दिया। साथ राजमहल से पष्चिम बंगाल के मानिक चक तक गंगा नदी पर पुल बनाने के प्रस्ताव पर प्राथमिक सहमति जतायी गयी। इससे झारखंड से पष्चिम बंगाल एवं नार्थ ईस्ट तक गेटवे खुल जायेगा। केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत इन प्रस्तावों को न केवल राज्य, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए अत्यंत व्यावहारिक और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधान सचिव (पथ निर्माण विभाग) को निर्देश दिया कि वे इन सभी प्रस्तावों को तुरंत पीएम गति-शक्ति पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि मंत्रालय द्वारा इनके स्वीकृतिकरण की दिशा में अग्रिम कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा राज्य के खनन और औद्योगिक क्षेत्र को एकीकृत बनाने के लिए कलस्टर बनाया गया गया है। जिसमें झारखंड ईस्ट -वेस्ट कोरिडोर, ईस्टर्न कोरिडोर, नार्थ – साउथ कोरिडोर एवं सेंट्रल कोरिडोर बनाया गया है । जिससे झारखंड से सीमावर्ती सभी खनन एवं औद््योगिक क्षे़त्र सड़क मार्ग से जुड़ सके। इससे परिवहन में गतिषीलता आयेगी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिनि गडकरी, मंत्रालय के दोनों राज्य मंत्री, सड़परिवहन मंत्रालय के सचिव वी उमाषंकर , एनएचआई के चेयरमैन संतोष यादव, उपस्थित थे। राज्य सरकार की टीम का नेतृत्व पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने किया। राज्य की टीम में निबंधन, राजस्व एवं भूमि सुधार निदेषक ए डोडे, पीसीसीएफ एवं अन्य अधिकारी शामिल हुये।
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