रांची, : भाकृअनुप – राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, नामकुम, रांची में आयोजित किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी 2025 का भव्य शुभारंभ झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री, शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में उपस्थित न होने के कारण कृषि मंत्री इस आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं और उन्होंने सभी उद्घाटन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने शहद प्रसंस्करण एवं मधुमक्खी उत्पाद विकास केंद्र का उद्घाटन किया एवं चंदन वाटिका में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके पश्चात उन्होंने कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों व कृषि उद्यमियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को जैविक खेती, सतत कृषि तकनीकों और आधुनिक प्रसंस्करण विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों का वाणिज्यीकरण अनिवार्य है, जिससे किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सके। विशेष रूप से मिर्च की खेती को उन्होंने एक लाभकारी व्यवसाय बताया और किसानों को इसके व्यावसायिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया।
मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव, अबूबकर सिद्दीकी पी., और खिजरी विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक, श्री राजेश कच्छप शामिल रहे। इन गणमान्य अतिथियों ने भी किसानों को संबोधित किया और कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने केवीके खूंटी के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से सभी केवीके का दौरा करेंगी और उनके कार्यों का विस्तार से अध्ययन करेंगी ताकि किसानों के जीवन में सुधार लाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी तकनीक किसानों तक पहुंचे बिना किसी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए भाकृअनुप – राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान के निदेशक, डॉ. अभिजीत कर ने किसानों को संबोधित किया और संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मेला किसानों को उन्नत कृषि उपकरणों, नवीनतम अनुसंधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को कृषि उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन की सलाह दी, जिससे उनकी बाजार में सौदेबाजी की शक्ति बढ़ेगी और वे अपने उत्पादों को अपने निर्धारित मूल्यों पर बेच सकेंगे, जिससे बाजार लागत कम होगी और दक्षता में वृद्धि होगी।
उन्होंने किसानों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए फेडरेशन में पंजीकरण कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।
कार्यक्रम के दौरान एक प्रगतिशील किसान एवं एक कृषि उद्यमी ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित किसानों को प्रेरणा मिली। इसके उपरांत कृषि मंत्री ने उत्कृष्ट किसानों को पुरस्कार वितरित किए और लाख टूलकिट का वितरण भी किया।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस तरह के मेले किसानों को नवीनतम तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक बेहतरीन माध्यम हैं।
हमारी सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हम चाहते हैं कि झारखंड के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और अपनी आय में वृद्धि करें।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजेश कुमार ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संयोजित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे कृषि मेला 2025 के संयोजक, डॉ. ज्योतिर्मय घोष ने प्रस्तुत किया। इस किसान मेले में लगभग 1500 किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, उद्यमियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में उन्नत कृषि यंत्रों, जैविक उर्वरकों, नवीनतम कृषि अनुसंधानों और सरकारी अनुदान योजनाओं से संबंधित कई स्टॉल लगाए गए थे, जिससे किसानों को व्यापक जानकारी प्राप्त हुई।












