रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह पत्र “झूठ, अफवाह और राजनीतिक कुंठा” का घटिया नमूना है।
मुंजनी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी खुद अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुके हैं, इसलिए वे सुर्खियों में बने रहने के लिए “महाघोटाला” जैसे बड़े-बड़े शब्दों का सहारा ले रहे हैं। बिना किसी ठोस प्रमाण के पूरे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करना उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है।
सतीश पौल मुंजनी ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा का इतिहास ही घोटालों और भ्रष्टाचार से भरा पड़ा है। चारा घोटाला जैसे काले अध्याय के जिम्मेदार लोग आज नैतिकता की दुहाई दे रहे हैं, यह जनता के साथ सबसे बड़ा मज़ाक है।
मुंजनी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार हर मामले की गंभीरता से जांच करा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन भाजपा जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर “महाघोटाले” का भ्रम फैलाकर राज्य में अस्थिरता और अविश्वास का माहौल बनाना चाहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाबूलाल मरांडी के पास सच में कोई सबूत है, तो वे उसे जांच एजेंसियों को दें। केवल मीडिया में बयानबाजी करना और पत्र लिखकर राजनीतिक ड्रामा करना उनकी आदत बन चुकी है।
मुंजनी ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह वही पार्टी है, जो केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग कर एजेंसियों को विपक्ष के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल करती है, और अब झारखंड में भी वही स्क्रिप्ट दोहराने की कोशिश हो रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा के इस “झूठ के प्रोपेगेंडा” को पूरी तरह समझ चुकी है। राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। भाजपा का यह दुष्प्रचार अभियान पूरी तरह विफल होगा।













