रांची :जन सहभागिता के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जन आरोग्य समिति (JAS) के सशक्तिकरण एवं इसके क्रियान्वयन एवं टीबी मुक्त पंचायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) एवं मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधि हेतु तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का समापन आज सदर अस्पताल परिसर में हुआ l कार्यक्रम का उद्देश्य CHO एवं मुखिया को जन आरोग्य समिति की भूमिका, दायित्व एवं प्रभावी कार्यान्वयन की रणनीतियों के साथ साथ टीवी मुक्त पंचायत के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था l
कार्यक्रम में सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार, राज्य स्तर से राज्य नोडल पदाधिकारी ( टी. बी एवं CPHC कोसांग) डॉ कमलेश कुमार, राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ एस बास्की, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक (साहिया ) प्रीती चौधरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी ) राकेश राय, क्षेत्रीय समन्वयक श्वेता वर्मा, संपा रॉय (TRIF) समेत विभिन्न प्रखंड के मुखिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए l
कार्यक्रम के दौरान अकाय मिंज (राज्य कार्यक्रम समन्वयक )ने देश के समुचित विकास के लिए जन स्वास्थ्य प्रणाली पर जोर देने की बाते कही l जब हर व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहेगा तभी देश का संपूर्ण विकास हो सकेगा l बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है l इसके अलावा इन्होने जन आरोग्य समिति के गठन, संचालन, वार्षिक कार्ययोजना, निधि प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता, स्वास्थ्य गतिविधियों की निगरानी तथा स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में समिति की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही यह भी कहा की जन आरोग्य समिति समुदाय और स्वास्थ्य तंत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। समिति के सशक्त होने से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जनभागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जन आरोग्य समिति को हर वर्ष ₹50000 की राशि आवंटित की गई है जो की आयुष्मान आरोग्य मंदिर के विकास एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य हेतु खर्च किया जा सकता है l
डॉ कमलेश कुमार ( राज्य नोडल पदाधिकारी ) ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार CHO, जन प्रतिनिधियों एवं समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी बना सकते हैं। साथ ही, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में जन आरोग्य समिति के योगदान को रेखांकित किया गया। इसके अलावा टीबी मुक्त कार्यक्रम एवं टीबी मुक्त पंचायत पर भी अपने विचार साझा किया और कहा की जितने भी व्यक्ति जोखिम जनसंख्या (Vulnerable population)के अंतर्गत आते है जैसे 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग,कुपोषित व्यक्ति, पुराने टीबी के मरीज, टीबी रोगी के साथ रहने वाले व्यक्ति इत्यादि की टीबी की जाँच करना है l वैसे लोग जिनमें टीवी का लक्षण है उनका जांच करना जरूरी है और इसके अलावा जो भी जोखिम समूह है उनका भी टीबी का जांच करना है lहालांकि 2025 में टीबी के मरीजों में 21% तक गिरावट आई है l टीवी को खत्म करने में जन भागीदारी के साथ-साथ अच्छा रहन सहन और पोषण भी अत्यंत जरूरी है l
सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि सशक्त जन आरोग्य समिति, मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली की आधारशिला है। CHO की सक्रिय भूमिका से समुदाय में जागरूकता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच एवं गुणवत्ता में सुधार होगा। जब जनप्रतिनिधि ओनरशिप (ownership) लेते है तब कार्यक्रम निश्चित रूप से सफल होता है समुदाय में मुखिया, जनप्रतिनिधि, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, सहिया, आंगनवाड़ी सेविका, एएनएम मिलकर एक टीम की तरह कार्य करते हैं और टीमवर्क से भी कार्य सफल होता है l
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त किया कि वे जन आरोग्य समितियों के साथ निरंतर समन्वय कर स्वास्थ्य योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करेंगे और समुदाय को स्वस्थ बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। बुंडू प्रखंड के बाराहातु पंचायत की मुखिया रेखा देवी ने जन आरोग्य समिति के क्रियान्वयन पर अपना अनुभव बताया एवं जन हित में काम कर के ये सहिया से मुखिया बनी है एवं इन्होने अपने गांव मे टीबी के 10 मरीज को चिन्हित कर के उसको दवा का पूरा कोर्स करवा के टीबी से मुक्त करने की बाते कही l साथ ही चानहो प्रखंड के रघुनाथपुर पंचायत के मुखिया ने भी अपने अनुभव साझा किया वही रातू प्रखंड की तरुप पंचायत की अहिल्या कच्चप ने लोगो को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचने हेतु एवं लोगो को आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक लाने हेतु जन हित में काफ़ी कार्य किया है l जनता के कल्याण में कार्य करते-करते मुखिया के पद पर चुनी गईl












