रांची :रबीन्द्र नाथ महतो, अध्यक्ष, झारखण्ड विधान सभा ने आज विधान सभा स्थित समिति कक्ष में झारखण्ड विधान सभा के नवगठित सभी समितियों के सभापति के साथ बैठक की।
बैठक में अध्यक्ष ने सर्वप्रथम सभी सभापतियों को अपनी बधाई दी । अपने संबोधन में अध्यक्ष महोदय ने समिति व्यवस्था के क्रियाकलापों के संबंध में ओर अधिक कैसे सुधार लाया जाय, विस्तार से उसकी चर्चा की।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समिति की यह बड़ी खुबसुरती है कि इसमें सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों के सदस्य शामिल होते हैं। राजनिति में दोनों पक्ष चाहे वह सत्ता के ओर से हो या विपक्ष की ओर से राज्य के विकास को दृष्टिपथ में रख कर अपनी महती भूमिका अदा करते है।
समिति की रिर्पोट के माध्यम से जो बातें सामने आती है, साधारणतः स्वीकृत किये जाते है। जब समिति किसी जनकल्याण से जुड़े मुद्दे पर अपनी रिर्पोट देती है, विधान सभा के पटल पर रखने के उपरांत सरकार भी इसके अनुशंसाओं पर गंभीरता से विचार करती है। सदन के माध्यम से जो बातें प्रखर रूप से सामने आती है, सदन के उपरांत समितियों उन पर पैनी नजर रखते हुए वैसे मुद्दों को निष्पादन करने हेतु बैठक बुला कर उसका निष्पादन करती है। मूलतः में चाहूँगा कि समिति की बैठकें एक समय अंतरात पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं और राज्य के अंदर समितियों विभिन्न जिलों में जाकर संबंधित मुददे जो उनके समक्ष लाये जाते हैं, उसका निराकरण करें ताकि जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जा सकें।
अध्यक्ष ने राज्य के मुख्य सचिव को बैठक में निदेश दिये कि हर विभागवार समिति की बैठकों में भाग लेने हेतु संबंधित पदाधिकारी निश्चित रूप से उपस्थित रहें व समिति की बैठक के अनुदेशों को अपने-अपने विभाग में त्वरित निष्पादन हेतु तत्परता के साथ कार्य करें।
बैठक में सभापतियों के साथ साथ मुख्य सचिव झारखंड सरकार एवं अपर मुख्य सचिव झारखंड सरकार एवं महालेखाकार झारखंड उपस्थित थे।













