रांची :नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आरसीएच सभागार में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में भाग लिया केन्द्रीय मंत्री से झारखंड की सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति और आदिवासी बहुलता को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पैकेज दिया जाए। झारखंड में टीबी मरीजों को अब “निक्षय आहार योजना” के तहत 500 रुपये के स्थान पर 1000 रुपये प्रति माह पोषण सहायता दी जा रही है। अब तक 12 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से मरीजों को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। राज्य में अब तक 226 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। साथ ही 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को राज्य में गंभीरता से चलाया जा रहा है।खसरा एवं रुबेला की रोकथाम के लिए वर्ष 2023 में 9 उच्च जोखिम जिलों – साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, कोडरमा और दुमका में 45 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में MR-1 टीका 8,41,319 बच्चों को और MR-2 टीका 7,83,165 बच्चों को दिया गया। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।केन्द्रीय मंत्री को झारखंड में जरूरी मेडिकल सुविधाओं से अवगत कराया साथ ही, रांची में AIIMS की स्थापना, 5 नए मेडिकल कॉलेज और एक मेडिकल सिटी की मांग दोहराया। झारखंड जैसे पिछड़े राज्य को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए।












