रांची :कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जूझते हुए नारायणपुर के तिलोकी गांव के रहने वाले 30 वर्षीय कुट्टू हेमब्रम ने आखिरकार ज़िंदगी की जंग हारा दी। एक होनहार युवा, एक जिम्मेदार बेटा, और मासूम बच्चों का साया — कुट्टू की असमय मृत्यु ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
जब डॉ. इरफ़ान अंसारी गांव पहुँचे और उन्होंने कुट्टू के छोटे-छोटे बच्चों को बिलखते देखा, तो उनकी आँखें भी भर आईं। एक पिता की तरह वे बच्चों के सिर पर हाथ रखकर बस यही कह पाए
“बुरा वक्त जल्द ही खत्म हो जाएगा”
यह सिर्फ एक वाक्य नहीं था, बल्कि एक वादा था — उस टूटे हुए परिवार से, उन बच्चों से, जिनकी आंखों में अब भी अपने पिता को खोजने की मासूम कोशिश बाकी थी।
इस दुःख की घड़ी में हम सभी उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
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