रांची :झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने आगामी नगर निकाय चुनावों में संगठनात्मक अनुशासन को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बागी नेताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं रांची मेयर पद पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे नेताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। दो बागी नेताओं को निलंबित किया गया है, जबकि आधा दर्जन से अधिक को कड़ी चेतावनी दी गई है।
मानगो नगर निगम में बागी नेत्री जेबा खान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि नामांकन वापस न लेने वाले बागियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची मेयर चुनाव में कांग्रेस ने पूर्व मेयर एवं झारखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलखो को समर्थन दिया है। वे ‘बेंच’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही हैं। पार्टी ने रांची सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए चार मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है, जो रणनीति बनाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का काम करेंगे।
हालांकि यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है, मगर राजनीतिक दलों का अप्रत्यक्ष समर्थन साफ दिख रहा है। रांची में मुकाबला त्रिकोणीय है — कांग्रेस समर्थित रमा खलखो, भाजपा समर्थित रोशनी खलखो, और झामुमो समर्थित सुजीत आनंद विजय कुजूर के बीच।
झामुमो ने कांग्रेस उम्मीदवार को हटने की सलाह दी थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
राज्य में नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को होंगे और मतगणना 27 फरवरी को होगी।
कांग्रेस की यह रणनीतिक सख्ती संकेत देती है कि पार्टी इस बार रांची सहित कई नगर निकायों में दमदार प्रदर्शन करने की तैयारी में है।
9600 करोड़ के घोटाले में गिरिडीह का युवक गिरफ्तार !
गिरिडीह : जमुआ थाना क्षेत्र के मिर्जागंज निवासी 41 वर्षीय गुलशन कुमार दराद को सोमवार को कोयंबटूर सीआईडी की टीम...












