हजारीबाग : झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाईबासा के बाद अब हजारीबाग जिले में भी हाथी का कहर देखने को मिल रहा है। बीते तीन दिनों के भीतर अलग-अलग घटनाओं में हाथी के हमले से दो किसानों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
ताजा मामला शुक्रवार अहले सुबह हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत बनहा गांव का है। यहां तालाब के पास गए किसान गणेश गोप पर अचानक एक जंगली हाथी ने हमला कर दिया और कुचलकर मार डाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह घना कोहरा छाया हुआ था, इसी दौरान जंगल से भटककर हाथी गांव की ओर आ गया। हाथी के हमले में गणेश गोप को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इससे पहले बुधवार (7 जनवरी) को दारू वन क्षेत्र के चुटियारो गांव में भी एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी टमाटर के खेत में घुस गया, जहां किसान आदित्य राणा अपने खेत की रखवाली के लिए खेत में ही सो रहे थे। हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद गांवों में दहशत का माहौल है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हाथियों का झुंड घूम रहा है और इसकी जानकारी वन विभाग को बार-बार दी गई थी, लेकिन हाथियों को नियंत्रित करने या जंगल की ओर खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने मृतक किसानों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाने, हाथियों की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया होता, तो इन निर्दोष किसानों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, ताकि हाथी के आतंक से राहत मिल सके।
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