घाटशिला : गालूडीह में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक तारापद महतो की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने टेल्को खड़ंगाझार निवासी अभिषेक कुमार उर्फ हैप्पी उर्फ गोलू और बिरसानगर जोन नंबर 1 निवासी विकास दूबे उर्फ राहुल दूबे को गिरफ्तार किया है। इनके पास से देसी कट्टा, खून लगा चाकू और एक बाइक बरामद की गई है।
ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि वारदात के दिन अभिषेक और घोड़ाबांधा कनपूटा निवासी जगन्नाथ गोराई सेवा केंद्र में घुसे थे। अभिषेक ने पहले तारापद को थप्पड़ मारा, जिसके बाद जगन्नाथ ने गोली चलाई और फिर अभिषेक ने चाकू से वार किया। वारदात के बाद विकास दूबे बाइक चलाकर तीनों को मौके से फरार कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तारापद महतो और घाटशिला जेल में बंद जीतेंद्र दूबे के बीच वर्ष 2023 से जमीन विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण पूर्व में भी झगड़ा हुआ था, जिसमें केस दर्ज हुआ था। पुलिस को संदेह है कि हत्या की साजिश इसी विवाद के चलते रची गई।
जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या में प्रयुक्त बाइक जीतेंद्र दूबे के भाई छोटू दूबे की थी। छोटू दूबे ने ही घटना के लिए फंडिंग की थी और वही बाइक भी उपलब्ध कराई थी। पुलिस छोटू दूबे और जीतेंद्र दूबे की पत्नी की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि घटना से पहले उनके बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही थी।
जगन्नाथ गोराई अभी भी फरार है, उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी अभिषेक ने पूछताछ में बताया कि जगन्नाथ गोराई ने उसे पैसे दिलाने के बहाने साथ चलने को कहा था। उसने कहा था कि एक व्यक्ति जमीन का पैसा नहीं दे रहा है, उससे रुपये वसूलने हैं और रुपये मिलने पर 10 हजार रुपये देने का प्रलोभन दिया था। रुपये के लालच में वह विकास दूबे को साथ लेकर गया, लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि हत्या की साजिश रची जा रही है
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