पटना : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर बिहार सरकार से मांग की कि इनको हत्या के आरोप में तुरंत पद से बर्खास्त कर अरेस्ट किया जाए। साल 1995 में तारापुर में जिन सात लोगों की हत्या हुई, वो सभी इन्हीं की कुशवाहा जाति के थे। केस संख्या 44/1995 में सीजेएम के पास डॉक्यूमेंट सबमिट किया और बताया कि राकेश कुमार उर्फ सम्राट चंद्र मौर्य उर्फ सम्राट चौधरी पिता शकुनि चौधरी का डेट ऑफ़ बर्थ 1 मई 1981 है। इसी वजह से इन्हें नाबालिग बताकर जेल से निकाला गया। लेकिन 2020 में उन्होंने इलेक्शन कमीशन को दिए एफिडेविट में अपना उम्र 51 साल बताया। इसका मतलब है कि 1995 में इनका उम्र 26 साल था। तब कोर्ट ने गलती से अभियुक्त होने के बावजूद इनको बरी कर दिया। ये जब तक कोर्ट से फ्री नहीं होते इनको जेल में होना चाहिए। इसलिए मेरा मुख्यमंत्री और राज्यपाल से अनुरोध है कि संवैधानिक पद पर बैठा यह आदमी देश के विधि-विधान का अपमान कर रहा है। मुख्यमंत्री इनपर कार्रवाई नहीं करें तो 2-3 दिन में राज्यपाल के पास डेलीगेशन लेकर जायेंगे। या तो इनको बर्खास्त कर अरेस्ट करें नहीं तो सभी मर्डर के आरोपियों को जेल से छोड़ दें। उन्होंने यह भी बताया कि सम्राट चौधरी सिर्फ हत्या के अभियुक्त नहीं, बेहद चर्चित रहे शिल्पी-गौतम रेप और हत्याकांड में भी संदिग्ध अभियुक्त के तौर पर नामजद थे। सीबीआई ने इनकी जांच कि थी। सम्राट चौधरी बतायें कि ये बातें सच है या नहीं। अगर वो नकारेंगे तब हमलोग फिर डॉक्यूमेंट समेट इसका खुलासा करेंगे।











