झारखंड: धीरेंद्र शास्त्री के पलामू कार्यक्रम की अनुमति नहीं देने पर हाईकोर्ट नाराज, हाजिर हों मुख्य सचिव व डीजीपी हाईकोर्ट ने पूछा है कि मुख्य सचिव व डीजीपी वर्चुअल तरीके से उपस्थित होकर बतायें कि कानून-व्यवस्था की कौन सी समस्या उत्पन्न हो जाएगी, जिसे प्रशासन कंट्रोल नहीं कर पाएगा. समझाने के लिए पुलिस अधीक्षक सूचना विशेष शाखा भी बने रहेंगे. मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने आज 17 जनवरी की तिथि निर्धारित की.
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने पलामू में 10 से 15 फरवरी 2024 को बाबा बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान प्रार्थी व राज्य सरकार का पक्ष सुना. पलामू के उपायुक्त शशिरंजन के कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाने की आशंका पर आयोजन की अनुमति नहीं देने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जतायी. अदालत ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेवारी सरकार की है. अदालत ने पूछा कि बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम से कानून व्यवस्था की कौन सी समस्या उत्पन्न हो जाएगी, इसका खुलासा क्यों नहीं किया गया है? ऐसी आशंका का आधार क्या है? आदेश में यह भी नहीं बताया गया है. मुख्य सचिव व डीजीपी वर्चुअल तरीके से उपस्थित होकर बतायें कि कानून- व्यवस्था की कौन सी समस्या उत्पन्न हो जाएगी, जिसे प्रशासन कंट्रोल नहीं कर पाएगा. समझाने के लिए पुलिस अधीक्षक (सूचना) विशेष शाखा भी बने रहेंगे. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने अगली सुनवाई फरवरी में निर्धारित की गई है












