उत्तरकाशी : उत्तरकाशी टनल हादसे में लगभग 40 मजदूर पिछले 7 दिनों से टनल के अंदर फंसे हुए हैं एक उम्मीद के साथ कि वह जल्द ही बाहर निकलेंगे। सुरंग में उन सभी लोगों के लिए पाइप की सहायता से भोजन, पानी, दवाई, ऑक्सीजन, बिजली सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार फंसे मजदूरों की संख्या बढ़कर 40 से 41 हो गई है। यह हादसा नव निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढह जाने के कारण हुआ है।
अगर मशीन की सहायता से अब तक 25 मीटर से ज्यादा ड्रिलिंग कर 6 मीटर लंबी चार पाइप डाले गए हैं यह जानकारी एनएचआईडीसीएल के निर्देशक अंशु मनीष खालको द्वारा दिया गया है। खुदाई के दौरान बीच-बीच में काम रोकना भी पढ़ रहे हैं क्योंकि मशीनों के कारण भूस्खलन की संभावना अधिक बढ़ सकती है जिस कारण एनएचआईडीसीएल के निर्देश ने एक टीम के सहायता से एक रणनीति तैयार की है जिससे किसी भी गलत फैसले से किसी के जीवन को असुरक्षा न पहुंचे इसके साथ ही उन्होंने एक बैकअप योजना के तहत एक और अगर मशीन इंदौर से मंगवाई है। राष्ट्रीय राजमार्ग और संरचना विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बचाव के कार्य के लिए अमेरिकी मशीनों की सहायता से कार्य में तेजी आई है। लेकिन परेशानी तो यह भी है कि डीजल से चलने के कारण मशीनों की गति धीमी है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने तथा सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय वायुसेना के सी 130 हरक्यूलिस विमान के जरिए 25 टन वजन बढ़ी है। विशेषज्ञ आदेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी ऑगर मशीनों को का प्रयोग कार्य की गति में तेजी लाने के लिए किया गया है।












