रांची :झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष ऑनलाइन मोटिवेशनल कार्यक्रम “HOW’S THE JOSH!! – Unlock Your Potential: Excel in Boards and Beyond” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य के सभी 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस सहित संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बोर्ड परीक्षा से पूर्व छात्रों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाना, परीक्षा के तनाव को कम करना, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े व्यावहारिक उपायों को साझा करना था। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस ऑनलाइन कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव श्री उमाशंकर सिंह और झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन से छात्रों की तैयारियों को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा को अवसर के रूप में देखने, सकारात्मक सोच अपनाने और नियमित अभ्यास के माध्यम से लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया, साथ ही उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
अपने संबोधन में स्कूली शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि बच्चे एग्जाम के फोबिया में ना जाए। बच्चो के अंदर से एग्जाम का भय निकालकर उनमे आत्मविश्वास डाले। बच्चे किसी तरह का तनाव ना ले। सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस का रिजल्ट धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। बच्चो के साथ साथ हमें स्कूल प्रबंधको और प्राचार्यो की मेहनत पर भी पूरा भरोसा है। बच्चो को समय प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है। पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे छात्र बिना किसी दबाव में आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में जाए।
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि परीक्षा केवल जीवन का एक पड़ाव है। असफलता से सीखे, परीक्षा केवल एक आंकलन का माध्यम है। बच्चे काफी चीजे जानते है, लिखना भी जानते है, मगर समय प्रबंधन पर जोर दे। एग्जाम से पहले कुछ नया ना पढ़े, रिवीजन पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी प्रश्न को छोड़े नहीं, एक नंबर का भी महत्त्व है। हर प्रश्न का पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दे। बच्चे तनाव में होते है तो उसका असर माता पिता के ऊपर भी पड़ता है। इसीलिए तनाव ना ले। साइंस और मैथ्स में केवल प्रैक्टिस करे। पढ़ाई के साथ साथ सेहत पर भी ध्यान दे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रशासी पदाधिकारी सचिदानंद द्वि. तिग्गा ने कहा कि यह पहल केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्रों को तनावमुक्त रहकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ता के रूप में जेईपीसी के प्रशासी पदाधिकारी सचिदानंद द्वि. तिग्गा, अकादमिक सलाहकार डॉ. मनोहर लाल, विद्यालय प्रबंधक डॉ. सुनील भारती, सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस, जमशेदपुर की प्राचार्या रंजीता गांधी, सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस के नोडल पदाधिकारी खुशबू लाल ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं द्वारा लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी समय प्रबंधन, परीक्षा-भय से निपटने की रणनीतियाँ तथा माइंडफुलनेस तकनीकों पर उपयोगी मार्गदर्शन दिया गया। छात्रों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने सकारात्मक सोच, अनुशासित तैयारी और आत्मविश्वास के साथ बोर्ड परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।
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