जमशेदपुर :. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल के सफल आयोजन पर आयोजन समिति को पत्र लिखकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं. उन्होंने प्रथम जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल को एक सुंदर, सुव्यवस्थित और अत्यंत सार्थक साहित्यिक आयोजन बताते हुए इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की.
झारखंड पर लिखित पुस्तकों को पुरस्कार प्रदान किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए हरिवंश ने पुरस्कार राशि के उपयोग को लेकर एक अनुकरणीय और समाजोपयोगी सुझाव दिया है.
उन्होंने कहा कि यदि इस राशि का उपयोग झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के किसी सुदूरवर्ती गाँव में छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय आयोजन के रूप में किया जाए, तो इसका प्रभाव दूरगामी और अत्यंत सकारात्मक होगा. अपने सुझाव में हरिवंश ने खेलकूद प्रतियोगिता, स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, सामूहिक भोजन व्यवस्था तथा साहित्य से प्रेरक संवादात्मक कार्यक्रमों को शामिल करने की बात कही. उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार पुरस्कार राशि का उपयोग किए जाने से झारखंड और जमशेदपुर में भविष्य में और भी उच्च स्तर के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा.
आयोजन समिति की ओर से संदीप मुरारका ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि “हरिवंश जी के इस संवेदनशील एवं दूरदर्शी निर्णय का हम तहेदिल से स्वागत करते हैं. पुरस्कार चयन समिति में शामिल सदस्यों संजय मिश्र, भवानंद झा, उत्तम नाथ पाठक, गणेश मेहता, जयप्रकाश राय, बृजभूषण सिंह एवं उदित अग्रवाल के साथ विमर्श कर आयोजन के प्रारूप को अंतिम रूप देगी.
उन्होंने आगे बताया कि 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के अवसर पर कोल्हान क्षेत्र के ग्रामीण अंचल राजनगर में स्थित भीमखांदा, जो एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत स्थल भी है, वहाँ इस जनोपयोगी साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन को प्रस्तावित किया जा सकता है.
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