रांची :मरांडी ने कहा कि साहिबगंज की हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। बीमार किशोरी को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा और मौत के बाद भी शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिली। परिजन शव को खाट पर रखकर 10 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए।
कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी अपने करीबी को सौंप दी है और सरकारी अस्पताल के कामकाज में उनका अबोध बेटा भी हस्तक्षेप कर रहा है। ऐसे निकम्मे मंत्री न सिर्फ सरकार पर, बल्कि जनता पर भी बोझ बन चुके हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री जी से आग्रह करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवाओं की तत्काल समीक्षा करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त और प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न झेलनी पड़े।
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